सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

popads

Featured post

गोकुल धाम सोसाइटी में चुदक्कड़ परिवार- 2

 हॉट सेक्सी वाइफ की चुदाई तारक मेहता का उल्टा चश्मा की गोकुल धाम सोसाइटी में कैसे हुई. जवान बेटी के सामने भिड़े और माधवी ने खुलकर सेक्स किया. दोस्तो, मैं कबीर पटेल, आप मेरी सेक्स कहानी में भिड़े और माधवी की चुदाई का मजा ले रहे थे. हॉट सेक्सी वाइफ की चुदाई कहानी के पहले भाग लॉकडाउन में माधवी की अन्तर्वासना में अब तक आपने पढ़ा था कि माधवी अपने पति भिड़े के लंड को चूस रही थी, जिससे भिड़े का लंड तन्ना उठा था, मगर वो अभी भी माधवी के मुँह में अपना लंड चला रहा था. अब आगे हॉट सेक्सी वाइफ की चुदाई: थोड़ी देर और माधवी का मुँह चोदने के बाद जब भिड़े ने अपना सख्त लंड उसके मुँह से निकाला तो माधवी ने थोड़ी चैन की सांस ली और वो फिर से भिड़े के लंड पर बैठ गयी. उसने भिड़े के लंड को एक और बार अपनी चूत में समा लिया. माधवी की चुत को मानो जन्नत मिल गई थी. वो अपनी गांड आगे पीछे करती हुई लंड की सवारी का मजा लेने लगी. अभी उन दोनों की चुदाई दोबारा चालू किए हुए कुछ ही मिनट हुए थे कि तभी सोनू अपने कमरे से बाहर निकल आई. आखिरकार वही हुआ, जिसका भिड़े को डर था. सोनू ने अपने आई और बाबा को चुदाई करते हुए देख लिया था. वो सोनू को द

गोकुल धाम सोसाइटी में चुदक्कड़ परिवार- 2

 हॉट सेक्सी वाइफ की चुदाई तारक मेहता का उल्टा चश्मा की गोकुल धाम सोसाइटी में कैसे हुई. जवान बेटी के सामने भिड़े और माधवी ने खुलकर सेक्स किया.


दोस्तो, मैं कबीर पटेल, आप मेरी सेक्स कहानी में भिड़े और माधवी की चुदाई का मजा ले रहे थे.

हॉट सेक्सी वाइफ की चुदाई कहानी के पहले भाग

लॉकडाउन में माधवी की अन्तर्वासना

में अब तक आपने पढ़ा था कि माधवी अपने पति भिड़े के लंड को चूस रही थी, जिससे भिड़े का लंड तन्ना उठा था, मगर वो अभी भी माधवी के मुँह में अपना लंड चला रहा था.



अब आगे हॉट सेक्सी वाइफ की चुदाई:


थोड़ी देर और माधवी का मुँह चोदने के बाद जब भिड़े ने अपना सख्त लंड उसके मुँह से निकाला तो माधवी ने थोड़ी चैन की सांस ली और वो फिर से भिड़े के लंड पर बैठ गयी.

उसने भिड़े के लंड को एक और बार अपनी चूत में समा लिया.


माधवी की चुत को मानो जन्नत मिल गई थी. वो अपनी गांड आगे पीछे करती हुई लंड की सवारी का मजा लेने लगी.


अभी उन दोनों की चुदाई दोबारा चालू किए हुए कुछ ही मिनट हुए थे कि तभी सोनू अपने कमरे से बाहर निकल आई.


आखिरकार वही हुआ, जिसका भिड़े को डर था.

सोनू ने अपने आई और बाबा को चुदाई करते हुए देख लिया था.


वो सोनू को देख कर सकपका गया … लेकिन कुछ बोल नहीं पाया.


भिड़े के चेहरे पर उड़े रंग से माधवी जान चुकी थी कि सोनू ने उन दोनों को चुदते-चुदवाते देख लिया है क्योंकि वो भिड़े के लंड पर बैठी थी और उसकी ब्रा पहनी हुई पीठ सोनू के सामने थी, जबकि वो नीचे से पूरी तरह नंगी थी.

भिड़े का पूरा लंड माधवी की चुत में घुसा हुआ था और उसके लंड के गोटे ही माधवी की गांड की दरार में दबे हुए दिख रहे थे.


‘अरे सोनू तुम कब उठी?’


भिड़े के लंड पर बैठे-बैठे ही अपना मुँह फेरकर माधवी ने सोनू से पूछा, उस वक़्त भी भिड़े का लंड माधवी की चूत में ही था.


सोनू कुछ नहीं बोली, वो बस अपने आई बाबा की चुदाई में व्यस्त उनके लंड चुत को ही देख रही थी.


‘सोनू बेटा, तुम जैसा सोच रही हो, वैसा बिल्कुल कुछ भी नहीं हो रहा है.’


भिड़े ने पति-पत्नी दोनों का बचाव करते हुए कहने का एक असफल प्रयास किया.

उस वक़्त भी भिड़े का पूरा लंड माधवी की चूत में ही था और उसके टट्टों पर सोनू ने अपनी नज़रें गड़ाई हुई थीं.


‘कोई बात नहीं बाबा, आप आई को ही तो चोद रहे हैं न, किसी ओर को तो नहीं. आप और आई अपनी चुदाई पूरी कर लीजिए … तब तक मैं अपने रूम में हूँ.’


सोनू के इस बिंदासपने ने भिड़े को एक और झटका दिया. उसे तत्काल यह अहसास हुआ कि सोनू बिल्कुल ही अपनी मां पर गयी है.


इससे पहले कि सोनू अपने कमरे में जाती, माधवी ने भिड़े के लंड को अपनी चूत से अन्दर-बाहर करते हुए ही सोनू को आवाज दी.


माधवी ने सोनू से कहा- सोनू बेटा, यदि तुमको हमें चुदाई करते देखना हो … तो भी हमें कोई आपत्ति नहीं है.


‘काय करतोस माधवी तुम भी? एक बेटी के सामने उसका बाबा, उसकी आई को कैसे चोद सकता है भला?’


भिड़े माधवी की बात से बिल्कुल भी सहमत नहीं था, लेकिन वो मजबूर भी था … क्योंकि वो नीचे से बिल्कुल नंगा था और ऊपर से उसका लंड माधवी की चूत के अन्दर था. यदि वो माधवी को अपने लंड के ऊपर से हटाता, तो सोनू उसका लंड भी देख लेती.


‘अहो … आप बिल्कुल फिक्र मत कीजिए! सोनू ने इससे पहले भी मुझे कई बार बिल्कुल नंगी देखा है, आप बस आज मुझे बिल्कुल अच्छी तरह से चोद कर मेरी चुत की हवस को शांत कर दीजिए.’


‘माधवी माना कि सोनू ने तुम्हें कई बार नंगी देखा है, लेकिन मुझे तो नहीं देखा है न … मैं इस तरह सोनू के सामने तुम्हें नहीं चोद सकता.’

भिड़े ने दलील करते हुए माधवी की चूत में लंड डाले हुए ही कहा.


‘अहो, आप भी न … इसमें कैसी शर्म? आपको अपनी बेटी की आई को ही तो चोदना है, मैं बेटी को तो नहीं चोदने को बोल रही हूं. फिर अगर आपको इतनी ही तकलीफ है, तो एक काम करते हैं. सोनू को यहां इस बाजू वाले काउच पर नंगी बिठा देते हैं. फिर तो सब ठीक रहेगा न?’


ये सुनकर भिड़े को करंट सा लगा और उधर माधवी की बात सुनकर सोनू मन ही मन मुस्कुराने लगी.


भिड़े और माधवी अब चुदाई के साथ साथ दलीलबाजी पर भी उतर आए थे.


माधवी सोनू की ओर मुड़ी और उससे कहा- एक मिनट सोनू बेटा अपनी आंखें बंद करना तो!

इस पर सोनू ने ‘जी आई …’ कहते हुए आंखें बंद कर लीं.


माधवी भिड़े के लंड पर से उठी और भिड़े के पास बैठ कर उसे समझाने का प्रयास करते हुए बोली- आप समझने की कोशिश क्यों नहीं करते अहो!


‘क्या समझूं मैं माधवी … एक बेटी के सामने उसके आई बाबा चुदाई कर रहे हैं और उनकी बेटी उनके बाजू वाले काउच पर नंगी बैठी-बैठी उनकी चुदाई बड़े ही आराम से देख रही है!’


सोनू वहां खड़ी-खड़ी सब सुन रही थी, लेकिन अभी तक उसने आंखें नहीं खोली थीं. उसकी बंद आंखों में भी उसके बाबा के टट्टे घूम रहे थे.


‘अहो आप समझने की कोशिश कीजिए न! आप मानते है न कि सोनू जवान हो गई है? क्या आप चाहते है कि सोनू यह सब कहीं बाहर से सीखे? और आप तो एक शिक्षक हैं, आपको तो पता ही होगा कि इस उम्र के बच्चों का एक दूसरे के शरीर के प्रति शारीरिक लगाव कितना होता है. मान लीजिए सोनू ने यह सब कहीं बाहर से सीखा, या कहीं बाहर ही ट्राय भी किया तो? इसी लिए कह रही हूं … आप मामले की गंभीरता को समझिए और उसे हमारी चुदाई देखने दीजिए. हमारी चुदाई देखने से उसके लिए यह सब कॉमन भी हो जाएगा और उसकी सेक्स की प्यास को इतना बढ़ावा भी नहीं मिलेगा.’


माधवी द्वारा दी गयी दलील भिड़े को समझ तो आ रही थी लेकिन वो अभी भी यह निर्णय नहीं ले पा रहा था कि सोनू के सामने वो माधवी को कैसे चोदेगा.


आखिरकार भिड़े ने माधवी के सामने घुटने टेक दिए और सोनू को उनकी चुदाई देखने के लिए स्वीकृति दे दी.


‘सोनू बेटा यहां आना तो.’

माधवी ने सोनू की ओर मुड़ कर उसे अपनी ओर बुलाया.

उसको बिल्कुल भी शर्म नहीं थी कि उसने सिर्फ एक काले रंग की ब्रा पहनी है. बाकी वो बिल्कुल पूरी तरह नंगी है.


जब सोनू माधवी के पास पहुंची, तो माधवी ने भिड़े से अपनी बेटी के कपड़े उतारने को कहा, जो उस वक़्त सोनू के सामने अपने दोनों हाथों से अपने खड़े लंड को छुपाने का प्रयास कर रहा था.


‘बाबा, हाथ हटाइये न! मुझे आपका हथियार देखना है. मैंने कभी किसी पुरुष को इससे पहले नंगा नहीं देखा है.’


सोनू ने अपने बाबा से रिक्वेस्ट करते हुए कहा, जिस पर माधवी ने भिड़े के हाथ उसके लंड पर से हटवा दिए और अब भिड़े का सख्त व मोटा लंड उसकी इकलौती बेटी सोनू के सामने हिल रहा था.


‘बाबा क्या मैं इसे छू सकती हूं?’


जैसे ही सोनू ने अपने बाबा के लंड को छूने के लिए हाथ बढ़ाया, तब माधवी ने उसे ऐसा करते हुए रोका.


‘सोनू आज सिर्फ तुम्हें हमारी चुदाई देखनी है. अपने बाबा का लंड किसी और दिन छू लेना.’


सोनू भिड़े के पास जाकर बोली- ठीक है बाबा, चलिए जल्दी से मेरे कपड़े उतारिए और जल्दी से आई और आप चुदाई शुरू कीजिए. आज मैं सबसे पहली बार लाइव चुदाई देखूंगी और वो भी अपने आई-बाबा की.

माधवी ने पूछा- इससे पहले तूने चुदाई किधर देखी थी?


सोनू ने बिंदास कहा- आई, अभी तक मैंने मोबाइल में ब्लू फिल्म देखी है.

माधवी मुस्कुरा दी और भिड़े से बोली- देखा आपने … अपनी सोनू को भी चुदाई देखने का चस्का है. आज वो हमारी सहमति से चुदाई देखेगी, तो वो बाहर मुँह नहीं मारेगी. चलो अब आप अपने हाथ से सोनू को नंगी करो.


भिड़े भी माधवी से सहमत हो गया था. उसने अपने थरथराते हुए हाथों से सोनू की टी-शर्ट को पकड़ा और ऊपर उठाने लगा. सोनू ने अपने बाबा की सहायता की और अपनी टी-शर्ट को निकाल फैंका.


इससे पहले कि भिड़े सोनू का पजामा उतारता, सोनू ने वो खुद ही उतार दिया. अब वो अपने आई-बाबा के सामने बिल्कुल नंगी थी.


भिड़े ने सोनू के बूब्स की ओर देखा, इतने बड़े तो नहीं थे सोनू के … लेकिन अच्छे शेप व साइज में थे.

सोनू के बूब्स पर से भिड़े की नज़र हट ही नहीं रही थी.

फिर भिड़े की नज़र सोनू की अनछुई चूत पर पड़ी, जिस पर हल्के-हल्के बाल थे. लग रहा था कि कल ही सोनू ने चुत की झांटों की शेव की थी.


एक मॉडल की तरह अपनी कमर पर हाथ रखकर और पैरों पर क्रॉस खड़े रहकर सोनू ने पूछा- मैं कैसी लग रही हूं बाबा?

‘अप्रतिम …’

भिड़े का उत्तर माधवी ने देते हुए कहा.


‘ठीक है सोनू, अब तुम काउच पर बैठ जाओ और आराम से अपने आई-बाबा की चुदाई का आनन्द लो.’


अपनी आई का कहना मानते हुए सोनू बाजूवाले काउच पर बैठ गयी और माधवी एक बार फिर से भिड़े के लंड पर बैठ गयी.

माधवी ने फटाक से भिड़े का पूरा लंड एक ही झटके में अपनी चूत में ले लिया.


‘आपकी चूत तो बहुत ही ढीली है आई!’

भिड़े का लंड फटाक से माधवी की चूत में चले जाने पर सोनू ने कमेंट करते हुए कहा.


‘बेटा, एक दिन तुम्हारी भी ढीली हो जाएगी.’ माधवी ने चुदना चालू रखते हुए ही सोनू को जवाब दिया.


अब मस्त चुदाई चालू हो गई थी और सोनू अपनी चुत की पुत्तियों को मींजती हुई अपने बाबा के लंड अपनी आई की चुत में आता जाता देख रही थी.


उसके मम्मों को देख कर भिड़े को भी सनसनी हो रही थी.


कुछ देर और चुदने के बाद माधवी सोनू के सामने ही भिड़े के लंड पर ही झड़ गयी और उसने अपनी चूत से ढेर सारा पानी निकाल दिया.

फिर वो भिड़े के लंड पर से उठ गई.

उसने एक बार फिर से अपने घुटनों के बल बैठ कर भिड़े का लंड अपने मुँह में ले लिया.


भिड़े अब तक नहीं झड़ा था … शायद अपनी बेटी सोनू को अपने सामने नंगी देख उसके लंड की सख्ती और भी बढ़ गयी थी.


कुछ देर तक भिड़े का लंड चूसने के बाद माधवी के मुँह में ही भिड़े ने अपना सारा माल छोड़ दिया, जो माधवी अपने मुँह में समाए हुए सोनू को ठीक से दिखाती हुई पी गयी.


फिर माधवी ने चाट-चाट कर भिड़े का लंड और टट्टे भी साफ कर दिए और उठ खड़ी हो गई.


‘सोनू बेटा मज़ा आया ना अपने आई-बाबा की चुदाई देखकर?’ अपने दोनों हाथ फैलाकर उसे अपनी बांहों में बुलाते हुए माधवी ने पूछा.


जब सोनू माधवी को गले लगी, तो भिड़े ने माधवी की ब्रा जो अब भी उसके बूब्स की हिफाज़त कर रही थी, उसका हुक खोल दिया और उसकी ब्रा निकाल फैंकी.


अब मां बेटी दोनों बिल्कुल नंगी थीं, जबकि भिड़े सिर्फ ऊपर से बनियान पहने हुए था.


मां बेटी ने मिलकर भिड़े की बनियान भी निकाल दी और अब पूरा भिड़े परिवार बिना कोई शर्म और लाज की मर्यादा का पालन किए हुए अपने हॉल में नंगा खड़ा था.


सोनू बोली- बाबा, इस मोमेंट को क्लिक कीजिए ना!


ये सुनकर भिड़े ने अपनी पढ़ने वाली टेबल पर मोबाइल का कैमरा सैट करके रखा और एक सपरिवार नंगी फ़ोटो खींची, जिसमें भिड़े और माधवी के बीच सोनू खड़ी थी.

वो अपने एक हाथ से अपनी आई की चूत को, तो दूसरे हाथ से भिड़े का लंड छुपाए हुए थी.


जबकि माधवी एक हाथ से खुद के बूब्स और दूसरे हाथ से सोनू का एक बूब छुपाए हुए थी. भिड़े एक हाथ से सोनू का दूसरा बूब छिपाए हुए था और दूसरे हाथ से उसकी चूत छिपाए हुए था.


फ़ोटो खिंचने के बाद वे तीनों एक साथ नहाये और फिर सब अपनी लॉकडाउन वाली ज़िन्दगी में आराम करने लगे.


दोस्तो, हॉट सेक्सी वाइफ की चुदाई कहानी पर अपने मेल ज़रूर भेजें. यदि मेरी इस सेक्स कहानी के लिए आपके मेल और कमेंट्स अच्छे आए तो मैं इस सेक्स कहानी का अगला भाग भी लिखूँगा.


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मां को चोदा जंगल में

   मेरी इस सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरे बेटे ने अपनी माँ को चोदा जंगल में ले जा कर! दिन में उसने मेरी चूत को घर में चोदा और फिर शाम को जंगल में तालाब के किनारे! मां को चोदा कहानी के पिछले भाग मां की चूत बेटे से चुदी में मैंने बताया था कि कैसे मैंने अपने बेटे के लंड को अपनी चूत में लिया था. उसने अपनी मां को चोदा था. उसके बाद वो बाहर चला गया था. मैं जानती थी कि वो अपने दोस्तों के साथ कहां पर होता था. मुझे भी शॉपिंग करने के लिए बाहर जाना था इसलिए मैं भी घर का काम निपटा कर तैयार हो गई. जिस रास्ते पर प्रकाश होता था मेरा रास्ता भी वहीं से होकर गुजरता था. मैं अपने रास्ते पर निकल पड़ी. वो रास्ते में वहीं पर खड़ा हुआ था अपने दोस्तों के साथ. जब मैं वापस आ रही थी तो मैंने उसको उस वक्त भी वहीं पर खड़े हुए देखा. वो मुझे घूर रहा था. फिर मैं वहां से घर आ गयी. घर आकर मुझे खाना बनाना था. उसके बाद जब मैं खाना बना रही थी तो उसका मैसेज आया कि कुछ मीठा खाने के लिए लाता हूं तो मैंने बोल दिया कि ले आना. वो घर आया और मुझे गिलास में डाल कर कुछ दिया. मैंने पूछा- ये क्या है? वो बोला- ठंडाई है, पी

छोटी बहन को पापा से चुदवा दिया

  तो चलिए बिना समय बर्बाद किये हम अपनी कहानी शुरू करते हैं ……। पापा को हम भाई बहन की चुदाई का शक हो गया था. हमने पापा को भी इस वासना के खेल में शामिल करने का सोचा. हम भाई बहन ने मिलकर रिश्तों में चुदाई का यह खेल कैसे खेला? छोटी बहन को पापा से चुदवा दिया नमस्कार दोस्तो, आपने मेरी पिछली दो कहानियाँ छोटी बहन के साथ चोदा चोदी कहानी-1 छोटी बहन को चोदा खूब चोदा-2 में पढ़ा कि कैसे मैंने और मेरी छोटी बहन पूर्वी ने चुदाई की. 2 दिनों तक पूर्वी (छोटी बहन) और मैं चुदाई के चक्कर में पूर्वी की चूत की कली खिलने से जो खून निकला उस चादर को हम बदलना भूल गये और माँ पापा शादी से लौट आये। चादर देख माँ बोली- चादर पर ये क्या लगा है? तो पूर्वी तो सहम गयी. पर मैंने कह दिया- माँ, वो कल रात लाल रंग गिर गया ड्राइंग करते समय। तो माँ तो मान गयी. पर पापा हमें शक की निगाहों से देख रहे थे। खैर पापा और माँ थकान की वजह से वहां से चले गये। जाते ही पूर्वी बोल पड़ी- पापा को शक हो रहा है भैया! मैंने कहा- हाँ, मुझे भी पता है। पूर्वी- तो अब क्या करें भैया? फिर मैंने उसे समझाया कि पूर्वी अगर यूं ही

मौसी के चक्कर में माँ की गांड चुद गई

दोस्तो, मैं इस साईट का रेगूलर रीडर हूँ और देशी स्टोरीज को काफ़ी पसंद करता हूँ। इतनी कहानियाँ पढ़ने के बाद मेरा भी मन सेक्स करने का काफ़ी करता हैं लेकिन आज तक मौक़ा नहीं मिला। आज जो कहानी मैं सुनाने जा रहा हूँ, वो मेरे साथ बीती हुई सच्ची कहानी है। यह वाकिया आज से क़रीब एक महीने पहले की है। सबसे पहले मैं आपको मेरे परिवार से परिचित करा दूं ताकि आप मेरी सत्य कथा का आनन्द ले सके। मैं दिनेश उर्फ़ दीनू अपने माँ बाप का एकलौता बेटा हूँ। अभी मेरी उम्र 19 साल की है और मैं सभी बैंकों का एग्जाम दिया है। मेरा शरीर हट्टा कट्टा बलिष्ठ है पर मेरा रंग सांवला है। हम मुंबई के चोल मे सिंगल रूम में रहते हैं। जब मैं 5 साल का था पिताजी का स्वर्गवास हो गया था। मेरी माँ अब जो कि 38 साल की हैं और शरीर सांवला और मोटा है। जिसके कारण जब वो चलती है तो उसके चूतड़ काफ़ी हिलते हैं। उन्होंने फैक्ट्रीज में काम कर कर मेरी पढ़ाई लिखाई करा रही थीं और पिछले 2 साल से मैं एक प्राइवेट कम्पनी में पार्ट टाइम को-ओपेरटर का काम करता हूँ और कॉलेज भी जाता हूँ। हमारे घर में अब केवल 3 सदस्य रहते हैं मैं मेर

बहन के साथ चूत चुदाई का मजा-2

(Bahan Ke Sath Chut Chudai Ka Maza-2)  बहन के साथ चूत चुदाई का मजा-1 का अगला भाग: मैंने एक जीन्स का पैंट और टी-शर्ट खरीदा और दीदी ने एक गुलाबी रंग की पंजाबी ड्रेस, एक गर्मी के लिए स्कर्ट और टॉप और 2-3 टी-शर्ट खरीदीं। हम लोग मार्केट में और थोड़ी देर तक घूमते रहे। अब क़रीब 7:30 बज गए थे। दीदी ने मुझे सारे शॉपिंग बैग थमा दिए और बोलीं- आगे जा कर मेरा इंतज़ार करो, मैं अभी आती हूँ। वो एक दुकान में जा कर खड़ी हो गईं। मैंने दुकान को देखा, वो महिलाओं के अंडरगार्मेन्ट की दुकान थी। मैं मुस्कुरा कर आगे बढ़ गया। मैं देखा कि दीदी का चेहरा शर्म के मारे लाल हो चुका है, और वो मेरी तरफ़ मुस्कुरा कर देखते हुए दुकानदार से बातें करने लगीं। कुछ देर के बाद दीदी दुकान पर से चल कर मेरे पास आईं। दीदी के हाथ में एक बैग था। मैं दीदी को देख कर मुस्कुरा दिया और कुछ बोलने ही वाला था कि दीदी बोलीं- अभी कुछ मत बोल और चुपचाप चल! हम लोग चुपचाप चल रहे थे। मैं अभी घर नहीं जाना चाहता था और आज मैं दीदी के साथ अकेला था और मैं दीदी के साथ और कुछ समय बिताने के लिए बेचैन था। मैंने दीदी से

छोटी बहन को चोदा खूब चोदा 1

ये मेरी और मेरी छोटी बहन की चोदा चोदी कहानी है कि कैसे मैंने अपनी छोटी बहन को चोदा और साथ ही उसे भी उतना ही मज़ा आया जितना मुझे आया था. दोस्तो … मेरा नाम अजय है, मैं ग्वालियर का रहने वाला हूँ. मेरे घर में हम चार लोग रहते हैं. मैं 20 साल का, मेरी छोटी बहन 18 साल, माँ और पापा. आज जो मैं आप लोगों के साथ शेयर करने वाला हूँ, वो सिर्फ एक कहानी नहीं है. ये एक ऐसा सच है, जो मेरे साथ हुआ है … और दोस्तो, यकीन मानियेगा कि ये मेरी जिंदगी का सबसे हसीन समय रहा. ये मेरी और मेरी छोटी बहन पूर्वी की कहानी है कि कैसे मैंने अपनी छोटी बहन को चोदा और साथ ही उसे भी उतना ही मज़ा आया जितना मुझे आया था. आप यही सोच रहे होंगे कि मैं कैसा भाई हूँ कि अपनी ही बहन के साथ चोदा चोदी का खेल खेल लिया. पर ये कुछ गलत नहीं हुआ था. बल्कि दुनिया में बहुत सारे लोग अपनी माँ और बहन के साथ चोदा चोदी करते हैं. क्योंकि हमारे जीवन में शारीरिक सुख का होना बहुत जरूरी है. हर इंसान यही सुख भोगना चाहता है. फिर चाहे वो हमारे परिवार के लोग ही क्यों न हो. जरा सोचिए कि जब आप अपने घर में ही अपनी शारिरिक इच्छाएं पूरी कर सकते हैं

माँ की चूत की सफाई और चुदाई

 मैंने अपनी माँ की चूत नंगी देखी तो मेरा मन माँ की चुदाई को करने लगा. मुझे पता था कि माँ पिताजी की चुदाई से खुश नहीं हैं. तभी शायद माँ ने अपनी चूत मुझे दिखाई थी. दोस्तो नमस्कार, मेरा नाम पंकज है. मेरी उम्र 23 साल है और मैं जयपुर का रहने वाला हूं. आज मैं जो कहानी आप लोगों को बताने के लिए जा रहा हूं वो मेरी मां की कहानी है. मेरी मां का नाम सरिता है. उनकी उम्र 44 साल है. उनको देख कर कोई भी यह नहीं कर सकता है कि वो मेरी मां है. उनको देख कर उनकी उम्र का अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है. इसके दो कारण हैं. पहला कारण यह कि मेरी मां की शादी छोटी उम्र में ही हो गई थी और इस वजह से उनको बच्चा भी जल्दी हो गया. दूसरा कारण यह कि मेरी मां ने अपने बदन को काफी मेंटेन करके रखा हुआ है. वो देखने में अपनी उम्र से दस साल कम ही लगती हैं. उनका साइज 32-30-36 है. रंग एकदम दूध के जैसा बिल्कुल सफेद है और घर में साड़ी पहनती हैं लेकिन जब चलती हैं तो उनकी साड़ी में उनकी गांड में फंस जाती है. आप इस बात को समझ ही सकते होंगे की मेरी मां की गांड कितनी शेप में होगी. मेरी मां की जवानी की तारीफ मैं ही नहीं कर रहा बल्कि उनको देख

पहली बार भाई बहन की चुदाई होली में

 मैं 3 साल पहले की आप बीती बता रही हूं जो मेरे साथ हुई थी. यह भाई बहन की चुदाई की कहानी है. मेरा नाम सीमा साहू है और मैं अन्तर्वासना की फ्री सेक्स कहानियां नियमित रूप से पढ़ती हूं. मेरी उम्र 23 साल है और जहां तक मेरे साइज़ की बात है वो 32-30-36 है. मेरा रंग बहुत गोरा है. अब मैं आपको अपने परिवार के बारे में बता देती हूं. मेरे घर में मेरी मम्मी, पापा, भाई और मैं ही हूं. मैं बी.कॉम के फाइनल इयर में पढ़ाई कर रही हूं. हमारे घर में 2 कमरे हैं और एक बाथरूम है. साथ में ही रसोई बनी हुई है. एक कमरे में मेरे मां और पापा सोते हैं और दूसरे में मैं और भाई सोते हैं. मेरे भाई की उम्र 20 साल है. वो 12वीं कक्षा में है. बात मार्च महीने की है, होली आने वाली थी. हम लोग कॉलोनी में बहुत ही धूमधाम से होली मनाते हैं. होली के एक दिन पहले की बात है. सभी लोग होलिका जला कर घर पर आकर हाथ मुंह धोकर सोने जा रहे थे. मम्मी-पापा अपने रूम में सोने चले गये थे और मैं भी हाथ मुंह धोने अपने बाथरूम में जा रही थी. बाथरूम का दरवाजा हल्का सा खुला हुआ था. मैंने जैसे ही दरवाजे को धक्का दिया दरवाजा खुल गया. अंदर मैंने देखा कि मेरा

मां की चूत बेटे से चुदी

 इस माँ बेटा सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपने सौतेले बेटे की वासना भड़का कर उससे अपनी चूत चुदाई करवा ली. पति की मौत के बाद से ही मेरी चूत प्यासी थी. मेरा नाम आरती है और मैं 42 साल की हूं. मेरे पति की मृत्यु हो चुकी है मैं उनकी दूसरी पत्नी थी. उनकी पहली पत्नी से एक बेटा है जिसकी उम्र बीस साल के ऊपर होने वाली है. मैं उसे अपने बेटे की भांति मानती हूँ और उसी के साथ ही रहती हूं. मैं काफी बोल्ड किस्म की औरत हूं और गाली हमेशा मेरे मुंह पर रहती है. मेरे बेटे को मुझसे बहुत डर लगता है क्योंकि जब मैं गुस्सा हो जाती हूं तो गंदी गालियां देती हूं. देखने में मैं सांवले रंग की हूं और मेरे चूचे लटके हुए हैं. हाइट 5.3 फीट है और मेरी कमर 32 की है. मेरे चूतड़ बहुत बड़े हैं और मेरी गांड 44 के साइज की है. कई सालों से किसी ने भी मुझे चोदा नहीं था. इसलिए मैं बहुत चिड़चिड़ी हो गई थी. मैं काफी निराश रहने लगी थी. कई बार मेरी नजर मेरे बेटे पर जाती थी लेकिन मैं कुछ कर नहीं पाती थी. सोचती थी कि बेटे का लंड लेकर चूत की प्यास बुझवा लूं, मेरी नजर में इस माँ बेटा सेक्स में कोई बुरी नहीं थी. वैसे भी तो वो मेरा सग

जवान सौतेली मां की चूत चुदाई की लालसा

 सभी दोस्तों को मेरा नमस्कार. मुझे सेक्सी कहानियां पढ़ने का बहुत शौक है. इसलिए मैं हमेशा ही अन्तर्वासना पर प्रकाशित सेक्सी कहानी पढ़ता हूँ. ऐसे ही एक बाद मेरे भी दिल में भी ख्याल आया कि क्यों न मैं अपनी आपबीती सौतेली मां की चूत चुदाई की सच्ची सेक्स कहानी को आपके साथ शेयर करूं. ये कामुक कहानी मेरे और मेरी सौतेली मां के बीच की है. शायद आपको भी पसंद आएगी. चूंकि ये मेरी पहली कहानी है. अगर कुछ गलती दिखे, तो नजरअंदाज कर दीजिएगा. पहले मैं अपना परिचय दे देता हूँ. मेरा नाम हर्षद है. मेरी उम्र 25 साल है और कद 5 फुट 8 इंच का है. मैं दिखने में स्मार्ट नौजवान हूँ. कोई भी लड़की देखते ही मुझ पर फ़िदा हो जाती है. मैं इंजीनियर हूँ और अभी एक बड़ी कंपनी में मैनेजर हूँ. मेरा गांव पुणे से नजदीक है, यही कोई 30-35 किलोमीटर के फासले पर है. हमारे घर में मैं, पिताजी और मेरी सौतेली मां रहते हैं. बड़ी बहन शादी हो गयी है और वह अपने ससुराल में है. पिताजी की उम्र 48 साल है. उनका कद भी मेरे जितना ही है. वे एक कंपनी में अफसर हैं. वो अपने काम की वजह से हफ्ते में तीन चार दिन घर से बाहर ही रहते हैं. मेरी सौतेली मां का ना

मम्मी की दमदार चुदाई

मम्मी की भड़कते जिस्म को देख मेरा मन उत्तेजित हो हरेक रात उनकी दमदार चुदाई के सपने देखने लगा हालांकि उससे दोगुना मजा उनकी असल चुदाई करके मैंने महसूस किया। मम्मी की दमदार चुदाई की कल्पना हैलो दोस्तो, मेरा नाम राजू है और मैं स्लिम मिड हाईट 5’7″ का और वजन करीब 54-55 किलो है। मैं 26 साल का हूँ, इन दिनों मैं देहरादून में रहता हूँ। आज मैं आपको मेरे और मेरे मम्मी के सेक्स की कहानी सुनाता हूँ। यह बात आज से करीब 6-7 साल पहले की है जब मेरी उम्र 20 साल की थी और मेरी मम्मी 32 की थीं। मेरी जवानी शुरु हुई थी और उनकी जवानी के शोले भड़कते थे। मेरी मम्मी बहुत सेक्सी और सुन्दर है। शी हेज गोट ए ब्यूटीफुल बॉडी शेप 36-28-36! शी हेज गॉड मेड बूब्स एज वेल एज बटक्स! उनका सुडौल गोरा बदन बहुत हसीन है। वैसे वो मेरी रियल मम्मी नहीं हैं वह मेरे डैड की सेक्रेटरी थी, बाद में पापा ने माता जी के कोंन्सेंट से उससे अनओफियसली शादी कर ली। मैं पहले उनको संध्या आंटी कहता था, पर अब मम्मी ही कहता हूँ। मैं मम्मी को जब भी देखता तो मुझे उनका सेक्सी फिगर देखकर मन मे गुदगुदी होती थी। मैंने उनको एक दो बार डैड के ऑफि

लेबल

ज़्यादा दिखाएं