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गोकुल धाम सोसाइटी में चुदक्कड़ परिवार- 2

 हॉट सेक्सी वाइफ की चुदाई तारक मेहता का उल्टा चश्मा की गोकुल धाम सोसाइटी में कैसे हुई. जवान बेटी के सामने भिड़े और माधवी ने खुलकर सेक्स किया. दोस्तो, मैं कबीर पटेल, आप मेरी सेक्स कहानी में भिड़े और माधवी की चुदाई का मजा ले रहे थे. हॉट सेक्सी वाइफ की चुदाई कहानी के पहले भाग लॉकडाउन में माधवी की अन्तर्वासना में अब तक आपने पढ़ा था कि माधवी अपने पति भिड़े के लंड को चूस रही थी, जिससे भिड़े का लंड तन्ना उठा था, मगर वो अभी भी माधवी के मुँह में अपना लंड चला रहा था. अब आगे हॉट सेक्सी वाइफ की चुदाई: थोड़ी देर और माधवी का मुँह चोदने के बाद जब भिड़े ने अपना सख्त लंड उसके मुँह से निकाला तो माधवी ने थोड़ी चैन की सांस ली और वो फिर से भिड़े के लंड पर बैठ गयी. उसने भिड़े के लंड को एक और बार अपनी चूत में समा लिया. माधवी की चुत को मानो जन्नत मिल गई थी. वो अपनी गांड आगे पीछे करती हुई लंड की सवारी का मजा लेने लगी. अभी उन दोनों की चुदाई दोबारा चालू किए हुए कुछ ही मिनट हुए थे कि तभी सोनू अपने कमरे से बाहर निकल आई. आखिरकार वही हुआ, जिसका भिड़े को डर था. सोनू ने अपने आई और बाबा को चुदाई करते हुए देख लिया था. वो सोनू को द

भाई बहन की चुदाई के सफर की शुरुआत-20 (Family Sex Story: Bhai Behan Ki Chudai Ke Safar Ki Shuruat- Part 20)

भाई बहन की चुदाई के सफर की शुरुआत 1 to 20 ( View all stories in series 1 to 20 )



दोस्तो, मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी के उन्नीस भाग आप पढ़ चुके हैं, मुझे पाठकों से काफी ईमेल आ रहे हैं, आप सभी पाठकों का दिल से धन्यवाद।


सुबह नाश्ता करने के बाद हम सब लोग घूमने निकल गए। आज हम पूरे परिवार के साथ घूमने निकले थे तो बड़े लोगो के साथ खुले में चुदाई नहीं कर सकते थे। कुछ देर बाद हम वापस अपने केबिन में आ गए। चाचा चाची, नेहा के साथ अपने रूम में चले गए और मैं, ऋतु और मम्मी पापा के साथ उनके रूम में चले गए।


आते ही ऋतु हरकत में आई और उसने पापा का लंड पकड़ा और उन्हें लंड से घसीटते हुए बेड पर जाकर लेट गयी और उन्हें अपने ऊपर गिरा लिया। पापा का खड़ा हुआ लंड सीधा ऋतु की फड़कती हुई चूत में घुस गया और ऋतु ने अपनी टांगें पापा की कमर में लपेट कर उसे पूरा अन्दर ले लिया और सिसकारने लगी- आआ आआह आअह्ह… पाआअपाआअ… म्मम्मम्मम!


मम्मी ने भी मुझे बेड पर धक्का दिया और अपनी चूत को मेरे लंड पर टिका कर नीचे बैठ गयी और मेरा पूरा लंड हड़प कर गयी अपनी चूत में!

“उयीईईई ईईईईई… अह्ह्ह- उनके मुंह से एक लम्बी सी सिसकारी निकली।


पापा ने भी चोदते हुए अपने होंठों को ऋतु के होंठों पर रख दिया। पापा के गीले होंठों के स्पर्श से ऋतु का शरीर सिहर रहा था। उसके लरजते हुए होंठों से अजीब अजीब सी आवाजें आ रही थी। अपनी पतली उंगलियाँ वो पापा के घने बालों में घुमा कर उन्हें और उत्तेजित कर रही थी। पापा के होंठ जब उसके खड़े हुए उरोजों तक पहुंचे तो उसकी सिहरन और भी बढ़ गयी, उसके मुंह से अपने आप एक मादक चीख निकल गयी- अह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह… पाआआ..पाआ… म्म्म्मम्म…


ऋतु ने अपनी आँखें खोलकर देखा तो पापा अपनी लम्बी जीभ निकाल कर उसके निप्पल के चारों तरफ घुमा रहे थे, उसके कठोर निप्पल और एरोला पर उभरे हुए छोटे छोटे दाने पापा की कठोर जीभ से टकरा कर उसे और भी उत्तेजित कर रहे थे।

ऋतु चाहती थी कि पापा उन्हें और जोर से काटें, बुरी तरह से दबायें। वो अपने साथ उनसे वहशी जैसा बर्ताव करवाना चाहती थी पर पापा तो उसे बड़े प्यार से सहला और चूस रहे थे।


तभी पापा ने उसे जोर से चोदने लगे।

ऋतु चीखी- आआआआह… पपाआआअ… जोर से… चूसो… नाआआआअ.. अपनी बेटी को… हां.. ऐसे… हीईईई… आआआआआह्ह… काटो मेरे निप्पल को दांतों से… आआ आआअह्ह्ह्ह… दबाओ इन्हें अपने हाथों सेईईईईई… आआआआह्ह्ह्ह… चबा डालो… इन्हें ईईए… मत तड़पाओ… ना पपाआआआ… प्लीज…

ऋतु की बातें सुन कर पापा समझ गये कि वो जंगली प्यार चाहती है इसलिए उन्होंने अपनी फूल सी बेटी के जिस्म को जोर से मसलना और दबाना, चूसना और काटना शुरू कर दिया।


मेरा लंड भी अपनी मम्मी की चूत के अन्दर काफी तेजी से आ जा रहा था। आज वो काफी खुल कर चुदाई करवा रही थी, उनके मोटे मोटे चुचे मेरे मुंह पर थपेड़े मार रहे थे। मैं उनके मोटे कूल्हों को पकड़ा हुआ था और अपनी एड़ियों के बल उठ कर, नीचे लेटा उनकी चुदाई कर रहा था।


मम्मी के मुंह में सिसकारियों की झड़ी लगी हुई थी- उफ्फ्फ… ओफ्फ्फ.. ओफ्फ्फ्फ़.. अआः अह अह अह अह अह अहोफ्फ्फ़… ओफ्फ्फ्फ़… ओफ्फ्फ्फ़… फक्क.. मीई… अह्ह्ह्ह्ह… हाआआआन…

और अंत में उन्होंने अपनी गर्म चूत में से मलाईदार रस छोड़ना शुरू कर दिया- आआ आआअह्ह्ह्ह… मैं… गयीईइ… ओह्ह्ह्… गॉड…


मैंने मम्मी को नीचे लिटाया और अपना लंड निकाल कर उनकी दोनों टांगें उठा कर अपने लंड को उनकी गांड में लगा दिया। उनकी आँखें विस्मय से फ़ैल गयी। मैंने जब से अपनी माँ को चुदते हुए देखा था, मैं तभी से उनकी मोटी और फूली हुई गांड मारना चाहता था। आज मौका लगते ही मैंने अपना लंड टिकाया उनकी गांड पर और एक तेज धक्का मारा।

वो चिल्ला पड़ी- आआआ उम्म्ह… अहह… हय… याह… आआ आआआह्ह्ह्ह…

मॉम की गांड का कसाव सही में लाजवाब था।


मैंने तेजी से झटके देने शुरू किये। गांड के कसाव के कारण और उनके गद्देदार चूतड़ों के थपेड़ों के कारण मुझे काफी मजा आ रहा था। मेरे नीचे लेटी माँ की चूचियां हर झटके से हिल रही थी। मम्मी ने अपनी चूचों को पकड़ कर उन्हें दबाना शुरू कर दिया और मेरी आँखों में देखकर सिसकारियां सी भरने लगी- आआ आआआ आअह्ह्ह… म्मम्मम्म… ओफ्फ्फ… ओफ्फ्फ… अह्ह्ह्ह… शाबाश बेटा… और तेज करो… हाँ ऐसे ही… आआ आह्ह्ह्ह…

मम्मी अब दोबारा उत्तेजित हो रही थी, मेरे हर झटके से वो अपनी गांड हवा में उठा कर अपनी तरफ से भी ठोकर मारती थी.



और जल्दी ही मेरे लंड ने जवाब दे दिया और मैंने एक तेज आवाज निकालते हुए उनकी कसी हुई मोटी गांड में झड़ना शुरू कर दिया- आआआआह्ह… मॉम्म्म… मैं… आआया… आआआआ … आअह्ह्ह…

मम्मी ने मेरे सर के ऊपर हाथ रखा और बोली- आजा… आआआ… मेरे…लाल्ल… आआआअह्ह्ह

और वो भी झड़ने लगी।

अपने जवान बेटे की चुदाई देखकर उनकी आँखों से ख़ुशी के मारे आंसू आने लगे और वो मुझे गले लगाये मेरे लंड को अपनी गांड में लिए लेटी रही।


पापा भी आज काफी खूंखार दिख रहे थे, उन्होंने ऋतु की चूत का भोसड़ा बना दिया अपने लम्बे लंड के तेज धक्कों से।

ऋतु तो जैसे भूल ही गयी थी कि वो कहाँ है। अपने पापा के मोटे लंड को अन्दर लिए वो तेजी से चिल्ला रही थी- आआआआआह्ह्ह… पपाआआआ और तेज मार साले… बेटी चोद… मार अपनी बेटी की चूत… आआआह… माआअर… कुत्ते… ओफ्फफ्फ्फ़… अयीईईईई…


वो बड़बड़ा भी रही थी और सिसकारियां भी मार रही थी। जल्दी ही दोनों अपने आखिरी पड़ाव पर पहुँच गए और ऋतु ने अपनी टांगें पापा की कमर के चारों तरफ लपेट ली और अपने दोनों कबूतर उनकी घने बालों वाली छातियों में दबा कर और उनके होंठों को अपने होंठों में फंसा कर वो झड़ने लगी।

अपने लंड पर बेटी के गर्म रसाव को महसूस करते ही पापाके लंड ने भी अपने बीज अपनी बेटी के खेत में बो दिए और वो भी झड़ते हुए ऋतु के नर्म और मुलायम होंठों को काटने लगे… और उसके ऊपर ही ढेर हो गए।


थोड़ी देर बाद हम सभी चाचू कमरे में पहुंचे और दरवाजा खोलते ही हम हैरान रह गए। अन्दर अजय चाचू और आरती चाची, नेहा के साथ थ्रीसम कर रहे थे।


अजय चाचू किसी पागल कुत्ते की तरह नंगी लेटी आरती चाची की चूत में अपना मूसल जैसा लंड पेल रहे थे और वो चुदक्कड़ आरती चाची तो लंड को देख कर बिफर सी गयी और चाचू के मोटे लंड पर चढ़ कर अपनी बुर को बुरी तरह से रगड़ रही थी।


नेहा भी अपनी माँ की कमर पर गांड रखकर लेटी हुई थी और अपनी माँ के होंठों और उनके चूचों को चूस रही थी। चाचू भी पीछे से नेहा की चूत और गांड चाट रहे थे।


हम सभी को देखते ही अजय चाचू और आरती चाची मुस्कुरा दिए। मैंने देखा कि चाची ने हम सभी की आवाजें सुनते ही अपनी आँखें खोली और मेरी तरफ देखकर एक आँख मार दी। उसे चाचू के लंड को अपनी चूत में डलवाने में बड़ा ही मजा आ रहा था। उसके मोटे चुचे हर झटके के साथ आगे पीछे हो रहे थे और उसकी टांगें हवा में थी।


आरती चाची हमारी तरफ मुढ़ी और मम्मी को देखकर बोली- आओ भाभी… यहाँ आ जाओ… बड़ा ही मजा आ रहा है… आआ आ आआ आआअह्ह्ह्ह…


हम सभी अभी अभी चुदाई करके आये थे इसलिए थोड़ा थक गए थे। हमने ये बात चाचू को बताई और कहा- आप लोग मजे लो, हम थोड़ी देर बैठ कर आप लोगो की चुदाई देखेंगे और फिर शामिल भी हो जायेंगे।

और वो तीनों फिर से अपनी चुदाई में लग गए।


मम्मी, ऋतु और मैं बड़े ही गौर से चाचा को आरती चाची की चुदाई करते हुए देख रहे थे और पापा भी उन्हें देख कर फिर से ताव में आने लगे थे। चाची के दिलकश चुचे उनकी आँखों में एक अलग ही चमक पैदा कर रहे थे।

चाची तो पहले से ही पापा के लंड की दीवानी थी पर आज उसकी चूत में पापा का लंड भी नहीं गया था। इसलिए वो आगे गए और चाची के पास जा कर खड़े हो गए।

आरती चाची ने जब देखा कि उनके जेठ बड़े चाव से उसे चुदते हुए देख रहे है तो उसने पापा पुचकार कर अपने पास बुला लिया और नेहा को उठा कर, पापा को अपने झूलते हुए चुचे पर झुका कर उसके मुंह में अपना निप्पल डाल दिया।


पापा ने अपने दांतों से चाची के दाने को चूसना शुरू कर दिया… नीचे से चाचा का लंड और ऊपर से अपने दाने पर जेठ के होंठों का दबाव पाकर आरती चाची लंड पर नाचने सी लगी। पापा तो जैसे चाची के हुस्न को देखकर सब कुछ भूल से गए थे। वो अपने छोटे भाई को उसकी पत्नी की चूत मारते देखकर फिर से उत्तेजित हो गए और अपना लटकता हुआ लंड मसलते हुए उनके पास जाकर खड़े हो गए।


चाची ने जब देखा कि मेरे पापा उसके पास खड़े हैं तो उसने मेरी तरफ देखा, मैंने सर हिला कर उसे इशारा किया और वो समझ गयी। उसने मुस्कुराते हुए हाथ बड़ा कर पापा का लंड पकड़ लिया। फिर चाची ने लंड को दबाना और मसलना शुरू कर दिया। जल्दी ही उनका विशाल नाग अपने पूरे शवाब पर आ गया।


चाचू ने जब देखा कि पापा पूरी तरह तैयार हैं तो उन्होंने चाची की चूत से अपना लंड बाहर निकाल लिया और पापा से बोले- भैय्या आप आ जाओ… आप मारो इस गर्म कुतिया की चूत!

पापा ने कहा- अरे नहीं अजय… ऐसे कैसे… तुम एक काम करो… तुम नीचे लेट कर इसकी चूत मारो और मैं पीछे से इसकी गांड मारूँगा।


चाची भी खुशी खुशी यह मान गयी। पापा का लण्ड बिल्कुल सूखा था तो उन्होंने चाची से कहा- तुम अजय पर उलटी होकर लेट जाओ, वो नीचे से अपना लंड तुम्हारी चूत में डालेगा और फिर थोड़ी देर बाद वो निकाल लेगा और मैं पीछे से तुम्हारी चूत में डाल दूंगा जिससे मेरा लौड़ा चिकना हो जाए।

चाची ने उनकी बात समझते हुए हाँ बोल दिया।


उनकी बातें सुनकर और चुदाई देखकर मेरे लंड ने भी हरकत करनी शुरू कर दी थी। नेहा भी उठकर हमारे पास आ गयी थी। ऋतु भी अपने होंठों पर जीभ फिरा कर अपने एक हाथ को अपनी चूत पर रगड़ रही थी।


अजय चाचू नीचे लेट गए और उन्होंने चाची को अपने ऊपर खींच लिया और अपना लंड वापिस उसकी चूत में डाल दिया। नीचे से लंड डालने के एंगल से लंड पूरी तरह उसकी चूत में जा रहा था।

आठ दस धक्के मारने के बाद चाचू ने अपना लंड निकाल लिया और पीछे खड़े पापा ने अपना मोटा लंड टिका दिया उसकी फुद्दी पर और एक करार झटका मारा।


चाची- अयीईईई ईईई… मररर… गयीईईई… अह्ह्ह्हह्ह!

करते हुए लुढ़क कर चाचू के ऊपर गिर गयी।


पापा का मोटा लंड चाची की चूत के अन्दर घुस गया था। उसके गुदाज चुचे चाचू के मुंह के ऊपर थे, उनके तो मजे हो गए, उन्होंने उन चुचों को चुसना शुरू कर दिया। पीछे से रेलगाड़ी फिर चल पड़ी और पापा चाची के मोटे चूतड़ों को थामे जोर जोर से धक्के मारने लगे।


चाची की सिसकारियां गूंजने लगी मजे के मारे ‘हम्म्म्म… अ हा हा अ अह अह.. आ… ऊओफ उफ ओफ्फोफ़… ऑफ़… ऑफ़ ऑफ़.. उफ.. ऑफ… ऑफ.. फ़… आह… आह्ह… म्मम्मम जोर से करो ना… भाई साब… प्लीज… और तेज मारो…


तभी पापा ने अपना लंड निकाल दिया चाची की चूत से क्योंकि अब चाचू की बारी जो थी। वो परेशान सी हो गई लेकिन अगले ही पल चाचू ने नीचे से फिर से अपना लंड डाल दिया और वो फिर से खो गयी चुदाई की खाई में।

पापा ने भी अपना गीला लंड चाची की गांड के छेद पर रख दिया। वो समझ गयी और अपने दोनों हाथों से अपनी गांड के छेद को फैलाने लगी।


पापा के एक झटके ने उन्हें चाचू के ऊपर फिर से गिरा दिया और इस बार पापा का लंड उसकी गांड को चीरता हुआ अन्दर जा धंसा.

वो चीखी- आआआआअह्ह्ह्ह… मररर… गयीईईई… अह्ह्हह्ह्ह…


पापा ने अगले दो चार और तेज झटकों ने अपना पूरा आठ इंच लंड चाची की गांड में घुसा दिया था। नीचे से चाचू ने फिर से चाची के दूध पीना शुरू कर दिया। वो हिल भी नहीं पा रही थी। अब दोनों भाई चाची की गांड और चूत एक साथ मार रहे थे… बड़ा ही कामुक दृश्य था।


ऋतु भी अपने पापा और चाचू की कलाकारी देखकर मंत्र मुग्ध सी उन्हें देख रही थी। उसने अपने पूरे कपड़े उतार फैंके और मेरे से लिपट गयी। मेरे कपड़े भी कुछ ही देर में नीचे जमीन पर पड़े हुए थे।

दो लंड से चुद रही आरती चाची अचानक जोर जोर से चिल्लाने लगी- आआआ आआआह्ह… अह.. अह.. अह.. अ हा.. आह.. आह. आह.. आह… उफ.. उफ..उफ.. आआ आआ आअह्ह और तेज मारो… आआआ आअह्ह मजा आ गया!

और चाची ने अपना रस छोड़ दिया चाचा के लंड के ऊपर।

पर अभी भी उनके दोनों छेदों की बराबरी से चुदाई चल रही थी।


तभी ऋतु ने मुझे धक्का देकर नीचे गिराया और मेरे लंड को अपनी गीली चूत पर टिका कर उसके ऊपर बैठ गयी और धक्के मारने लगी। मैंने अपने हाथ अपने सर के नीचे रख लिए और लंड को अपनी बहन की चूत में डाले मजे लेने लगा।

मम्मी भी आगे आई और गहरी सांस लेती अपनी भतीजी नेहा की चूत को किसी पालतू कुतिया की तरह चाटने लगी। नेहा ने भी सर घुमा कर मम्मी की चूत पर अपने होंठ टिका दिए और दोनों 69 की अवस्था में एक दूसरी को चूसने लगी।


मैंने अपनी बहन की चूत को ऐसे चोदा कि उसकी चीखें निकल गयी और वो भी झड़ने लगी- आआआ आअह्ह्ह्ह… रोहाआआन्न.. मैं तो गयीईई…

और वो भी गहरी साँसें लेने लगी।


मैंने भी चारों तरफ देखा, चाची को पापा और चाचू एक साथ चूत और गांड में चोद रहे थे। मम्मी और नेहा भी एक दूसरे की चूत चाट रही थी।


मैंने भी ऋतु को पीछे घुमाया और अपना लंड ऋतु की गांड के छेद में फंसा दिया। ऋतु को जैसे ही मेरे मोटे लंड का अहसास अपनी गांड के छेद में हुआ, वो सिहर उठी, उसने भी अपनी गांड के छेद को फैलाया और मैंने भी एक तेज शोट मारकर अपना लंड उसकी गांड में धकेल दिया।

वो चिल्ला उठी- आआ आआ आआ आआह्ह्ह…


मैं ऋतु की गांड मैं अपना लण्ड पेल रहा था और मम्मी और नेहा एक दूसरी की चूत को चाटकर झड़ने लगी औऱ फिर उन दोनों ने एक दूसरी के रस को चाट कर साफ कर दिया। नेहा अब मम्मी के ऊपर निढाल होकर गिर पड़ी।


तभी पापा ने अपना लण्ड चाची की गांड से बाहर निकाल दिया। चाची ने हैरानी से पीछे मुड़ कर देखा और फिर पापा ने अपना लंड उनकी चूत पर टिका दिया। चाचू का लंड पहले से ही वहां पर था।


पापा के मोटे लंड का अहसास पाकर चाचू ने अपना लंड बाहर निकलना चाहा पर पापा ने दबाव डाल कर चाचू के लंड को बाहर नहीं आने दिया और अपना लंड चाची की चूत में फंसा कर एक तेज झटका मारा।


चाची की चूत के धागे खुल गए, उनका मुंह खुला का खुला रह गया- अयीईईई ईईईईईई… मर… गयीईई…साले कुत्ते… भेन के लंड… निकाल अपना लौड़ा मेरी चूत से… फट गयी… आआआ आआआह्ह्ह्ह!

चाची की आँखों से आंसू आने लगे, उनकी चूत में दो विशालकाय लंड जा चुके थे। चाची की चूत में तेज दर्द हो रहा था। शायद वो थोड़ी फट भी गयी थी और खून आ रहा था। पर पापा नहीं रुके और उन्होंने एक और शोट मार कर अपना लंड पूरा उनकी चूत में डाल दिया।


चाचू के लंड के साथ अब उनका लंड भी चाची की चूत में था। उन दोनों का लंड एक दूसरे की घिसाई कर रहा था और दोनों की गोलियां एक दूसरे के गले मिल रही थी। चाची के लिए ये एक नया अहसास था, उनकी चूत की खुजली अब शायद मिट जाए, ये सोच कर पापा ने फिर से नीचे से धक्के देने शुरू कर दिए। चाचू ने भी पापा के साथ ताल मिलायी और वो दोनों चाची की चूत में अपने अपने लंड पेल रहे थे।


दो लंड जल्दी ही अपना रंग दिखाने लगे और चाची की दर्द भरी चीखें मीठी सिसकारियों में बदल गयी- आआआ आआह आआह्ह्ह्ह… म्मम्मम्म… साले कुत्तो… तुमने तो मेरी चूत ही फाड़ डाली… आआआ आअह्ह्ह पर जो भी है… म्मम्मम्म… मजा आ रहा है… मारो अब दोनों… मेरी चूत को… आआआआह्ह्ह्ह…

और फिर तो पापा और चाचू ने चाची जो रेल बनायी… जो रेल बनायी… वो देखते ही बनती थी।

आरती चाची की हिम्मत भी अब जवाब दे रही थी।


सबसे पहले पापा ने अपना वीर्य छोड़ा, वो चिल्लाए- आआआ आअह्ह्ह्ह… वाह… मजा आ… गयाआआ!

चाची भी अपनी चूत में गर्म लावा पाकर पिघलने लगी और चाचू के लंड को और अन्दर तक घुसा कर कूदने लगी। जल्दी ही चाचू और चाची भी एक साथ झड़ने लगे. आआआ आअयीईई ईईई… म्मम्मम्म… मैं तो गयी…आआह आआअह्ह्ह्ह… ऊऊओफ़ गॉड!


मैं भी अपनी मंजिल के काफी करीब था, ऋतु तो ना जाने कितनी बार झड़ चुकी थी, वो फिर से झड़ने लगी तो मैंने भी उसी पानी में अपना पानी मिला कर उसकी चूत को भिगोना शुरू कर दिया। हम दोनों का पानी उसकी नन्ही सी चूत में नहीं आ पा रहा था और वो नीचे की तरफ रिसता हुआ मेरे ही पेट पर गिरने लगा।

ऋतु उठी और मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी और फिर उसने पेट पर गिरे वीर्य को भी साफ़ किया। सारा रस पीने के बाद उसने जोर से डकार मारा और हम सभी की हंसी निकल गयी।


अगले तीन दिनों तक हम सभी ने हर तरीके से एक दूसरे को कितनी बार चोदा, बता नहीं सकता और अंत में वो दिन भी आ गया जब हमें वापिस जाना था।


मुझे इतना मजा आज तक नहीं आया था। मैंने इस टूर पर ना जाने कितनी चूतें चोदी थी और कितनी बार चोदी, मैं गिनती भी नहीं कर पा रहा था।

चाचा चाची, नेहा के साथ अपनी कार में सवार हो कर घर के लिए निकल गए और हम लोग भी अपने घर चल दिये थे।


वापिस जाते हुए मैं कार में बैठा सोच रहा था कि कैसे विकास और सन्नी को ऋतु की चूत दिलाई जाए और इसके लिए कितना चार्ज किया जाए। मैं तो ये भी सोच रहा था कि मम्मी को भी इसमें शामिल कर लेना चाहिए.

देखते हैं।


तभी मम्मी के फोन की घंटी बज उठी और उन्होंने कहा- अरे… दीपा का फोन है.

और ये कहते हुए उन्होंने फोन उठा लिया और बातें करने लगी।

दीपा मम्मी की छोटी बहन है यानी हमारी मौसी! वो मम्मी की तरह ही गोरी चिट्टी हैं, बाल कटे हुए, दुबली पतली। पर उनके चुचे देख कर मेरे मुंह में हमेशा से पानी आ जाता था। वो गुजरात में रहती हैं और उनके पति सरकारी जॉब करते हैं। उनके दो बच्चे हैं अयान और सुरभि, दोनों लगभग हमारी ही उम्र के हैं।


मैं गोर से उनकी बातें सुनने लगा। बात ख़त्म होने के बाद मम्मी ने खुश होते हुए कहा- अरे सुनो… दीपा आ रही है अपने परिवार के साथ। वो लोग भी छुट्टियों में घुमने के लिए शिमला गए थे और वापसी में वो लोग कुछ दिन हमारे पास रुकना चाहते हैं।


मम्मी की बात सुनकर पापा बड़े खुश हुए, उनकी नजर हमेशा अपनी साली पर रहती थी, ये मैंने कई बार नोट किया था पर दीपा मौसी बड़े नकचढ़े स्वभाव की थी। वो पापा की हरकतों पर उन्हें डांट भी देती थी इसलिए पापा की ज्यादा हिम्मत नहीं होती थी पर अब बात कुछ और थी। मम्मी पापा हमारे साथ खुल चुके थे इसलिए वो खुल कर बात कर रहे थे हमारे सामने।


पापा बोले- इस बार तो मैं इस दीपा की बच्ची की चूत मार कर रहूँगा। बड़े सालों से ट्राई कर रहा हूँ, भाव ही नहीं देती साली।

मम्मी ने कहा- अजी सुनो… तुम ऐसा कुछ मत करना। वो पहले भी कई बार मुझसे तुम्हारे बारे में बोल चुकी है और इस बार तो उसके साथ सभी होंगे। उसके बच्चे और उसका पति हरीश भी। तुम ऐसी कोई हरकत मत करना जिससे उसे कोई परेशानी हो… समझे?

“देखेंगे…” पापा ने कहा और ड्राइव करने लगे।


जल्दी ही हम सभी घर पहुँच गए और सीधे अपने कमरे में जाकर बेसुध होकर सो गए। ऋतु मेरे साथ मेरे कमरे में ही सो रही थी वो भी नंगी पर हमारे में इतनी भी हिम्मत नहीं थी कि चुदाई कर सकें, सफ़र में काफी थक चुके थे।


आगे की कहानी एक नई श्रृंखला में कुछ समय के बाद।

 

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  तो चलिए बिना समय बर्बाद किये हम अपनी कहानी शुरू करते हैं ……। पापा को हम भाई बहन की चुदाई का शक हो गया था. हमने पापा को भी इस वासना के खेल में शामिल करने का सोचा. हम भाई बहन ने मिलकर रिश्तों में चुदाई का यह खेल कैसे खेला? छोटी बहन को पापा से चुदवा दिया नमस्कार दोस्तो, आपने मेरी पिछली दो कहानियाँ छोटी बहन के साथ चोदा चोदी कहानी-1 छोटी बहन को चोदा खूब चोदा-2 में पढ़ा कि कैसे मैंने और मेरी छोटी बहन पूर्वी ने चुदाई की. 2 दिनों तक पूर्वी (छोटी बहन) और मैं चुदाई के चक्कर में पूर्वी की चूत की कली खिलने से जो खून निकला उस चादर को हम बदलना भूल गये और माँ पापा शादी से लौट आये। चादर देख माँ बोली- चादर पर ये क्या लगा है? तो पूर्वी तो सहम गयी. पर मैंने कह दिया- माँ, वो कल रात लाल रंग गिर गया ड्राइंग करते समय। तो माँ तो मान गयी. पर पापा हमें शक की निगाहों से देख रहे थे। खैर पापा और माँ थकान की वजह से वहां से चले गये। जाते ही पूर्वी बोल पड़ी- पापा को शक हो रहा है भैया! मैंने कहा- हाँ, मुझे भी पता है। पूर्वी- तो अब क्या करें भैया? फिर मैंने उसे समझाया कि पूर्वी अगर यूं ही

मौसी के चक्कर में माँ की गांड चुद गई

दोस्तो, मैं इस साईट का रेगूलर रीडर हूँ और देशी स्टोरीज को काफ़ी पसंद करता हूँ। इतनी कहानियाँ पढ़ने के बाद मेरा भी मन सेक्स करने का काफ़ी करता हैं लेकिन आज तक मौक़ा नहीं मिला। आज जो कहानी मैं सुनाने जा रहा हूँ, वो मेरे साथ बीती हुई सच्ची कहानी है। यह वाकिया आज से क़रीब एक महीने पहले की है। सबसे पहले मैं आपको मेरे परिवार से परिचित करा दूं ताकि आप मेरी सत्य कथा का आनन्द ले सके। मैं दिनेश उर्फ़ दीनू अपने माँ बाप का एकलौता बेटा हूँ। अभी मेरी उम्र 19 साल की है और मैं सभी बैंकों का एग्जाम दिया है। मेरा शरीर हट्टा कट्टा बलिष्ठ है पर मेरा रंग सांवला है। हम मुंबई के चोल मे सिंगल रूम में रहते हैं। जब मैं 5 साल का था पिताजी का स्वर्गवास हो गया था। मेरी माँ अब जो कि 38 साल की हैं और शरीर सांवला और मोटा है। जिसके कारण जब वो चलती है तो उसके चूतड़ काफ़ी हिलते हैं। उन्होंने फैक्ट्रीज में काम कर कर मेरी पढ़ाई लिखाई करा रही थीं और पिछले 2 साल से मैं एक प्राइवेट कम्पनी में पार्ट टाइम को-ओपेरटर का काम करता हूँ और कॉलेज भी जाता हूँ। हमारे घर में अब केवल 3 सदस्य रहते हैं मैं मेर

बहन के साथ चूत चुदाई का मजा-2

(Bahan Ke Sath Chut Chudai Ka Maza-2)  बहन के साथ चूत चुदाई का मजा-1 का अगला भाग: मैंने एक जीन्स का पैंट और टी-शर्ट खरीदा और दीदी ने एक गुलाबी रंग की पंजाबी ड्रेस, एक गर्मी के लिए स्कर्ट और टॉप और 2-3 टी-शर्ट खरीदीं। हम लोग मार्केट में और थोड़ी देर तक घूमते रहे। अब क़रीब 7:30 बज गए थे। दीदी ने मुझे सारे शॉपिंग बैग थमा दिए और बोलीं- आगे जा कर मेरा इंतज़ार करो, मैं अभी आती हूँ। वो एक दुकान में जा कर खड़ी हो गईं। मैंने दुकान को देखा, वो महिलाओं के अंडरगार्मेन्ट की दुकान थी। मैं मुस्कुरा कर आगे बढ़ गया। मैं देखा कि दीदी का चेहरा शर्म के मारे लाल हो चुका है, और वो मेरी तरफ़ मुस्कुरा कर देखते हुए दुकानदार से बातें करने लगीं। कुछ देर के बाद दीदी दुकान पर से चल कर मेरे पास आईं। दीदी के हाथ में एक बैग था। मैं दीदी को देख कर मुस्कुरा दिया और कुछ बोलने ही वाला था कि दीदी बोलीं- अभी कुछ मत बोल और चुपचाप चल! हम लोग चुपचाप चल रहे थे। मैं अभी घर नहीं जाना चाहता था और आज मैं दीदी के साथ अकेला था और मैं दीदी के साथ और कुछ समय बिताने के लिए बेचैन था। मैंने दीदी से

छोटी बहन को चोदा खूब चोदा 1

ये मेरी और मेरी छोटी बहन की चोदा चोदी कहानी है कि कैसे मैंने अपनी छोटी बहन को चोदा और साथ ही उसे भी उतना ही मज़ा आया जितना मुझे आया था. दोस्तो … मेरा नाम अजय है, मैं ग्वालियर का रहने वाला हूँ. मेरे घर में हम चार लोग रहते हैं. मैं 20 साल का, मेरी छोटी बहन 18 साल, माँ और पापा. आज जो मैं आप लोगों के साथ शेयर करने वाला हूँ, वो सिर्फ एक कहानी नहीं है. ये एक ऐसा सच है, जो मेरे साथ हुआ है … और दोस्तो, यकीन मानियेगा कि ये मेरी जिंदगी का सबसे हसीन समय रहा. ये मेरी और मेरी छोटी बहन पूर्वी की कहानी है कि कैसे मैंने अपनी छोटी बहन को चोदा और साथ ही उसे भी उतना ही मज़ा आया जितना मुझे आया था. आप यही सोच रहे होंगे कि मैं कैसा भाई हूँ कि अपनी ही बहन के साथ चोदा चोदी का खेल खेल लिया. पर ये कुछ गलत नहीं हुआ था. बल्कि दुनिया में बहुत सारे लोग अपनी माँ और बहन के साथ चोदा चोदी करते हैं. क्योंकि हमारे जीवन में शारीरिक सुख का होना बहुत जरूरी है. हर इंसान यही सुख भोगना चाहता है. फिर चाहे वो हमारे परिवार के लोग ही क्यों न हो. जरा सोचिए कि जब आप अपने घर में ही अपनी शारिरिक इच्छाएं पूरी कर सकते हैं

माँ की चूत की सफाई और चुदाई

 मैंने अपनी माँ की चूत नंगी देखी तो मेरा मन माँ की चुदाई को करने लगा. मुझे पता था कि माँ पिताजी की चुदाई से खुश नहीं हैं. तभी शायद माँ ने अपनी चूत मुझे दिखाई थी. दोस्तो नमस्कार, मेरा नाम पंकज है. मेरी उम्र 23 साल है और मैं जयपुर का रहने वाला हूं. आज मैं जो कहानी आप लोगों को बताने के लिए जा रहा हूं वो मेरी मां की कहानी है. मेरी मां का नाम सरिता है. उनकी उम्र 44 साल है. उनको देख कर कोई भी यह नहीं कर सकता है कि वो मेरी मां है. उनको देख कर उनकी उम्र का अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है. इसके दो कारण हैं. पहला कारण यह कि मेरी मां की शादी छोटी उम्र में ही हो गई थी और इस वजह से उनको बच्चा भी जल्दी हो गया. दूसरा कारण यह कि मेरी मां ने अपने बदन को काफी मेंटेन करके रखा हुआ है. वो देखने में अपनी उम्र से दस साल कम ही लगती हैं. उनका साइज 32-30-36 है. रंग एकदम दूध के जैसा बिल्कुल सफेद है और घर में साड़ी पहनती हैं लेकिन जब चलती हैं तो उनकी साड़ी में उनकी गांड में फंस जाती है. आप इस बात को समझ ही सकते होंगे की मेरी मां की गांड कितनी शेप में होगी. मेरी मां की जवानी की तारीफ मैं ही नहीं कर रहा बल्कि उनको देख

पहली बार भाई बहन की चुदाई होली में

 मैं 3 साल पहले की आप बीती बता रही हूं जो मेरे साथ हुई थी. यह भाई बहन की चुदाई की कहानी है. मेरा नाम सीमा साहू है और मैं अन्तर्वासना की फ्री सेक्स कहानियां नियमित रूप से पढ़ती हूं. मेरी उम्र 23 साल है और जहां तक मेरे साइज़ की बात है वो 32-30-36 है. मेरा रंग बहुत गोरा है. अब मैं आपको अपने परिवार के बारे में बता देती हूं. मेरे घर में मेरी मम्मी, पापा, भाई और मैं ही हूं. मैं बी.कॉम के फाइनल इयर में पढ़ाई कर रही हूं. हमारे घर में 2 कमरे हैं और एक बाथरूम है. साथ में ही रसोई बनी हुई है. एक कमरे में मेरे मां और पापा सोते हैं और दूसरे में मैं और भाई सोते हैं. मेरे भाई की उम्र 20 साल है. वो 12वीं कक्षा में है. बात मार्च महीने की है, होली आने वाली थी. हम लोग कॉलोनी में बहुत ही धूमधाम से होली मनाते हैं. होली के एक दिन पहले की बात है. सभी लोग होलिका जला कर घर पर आकर हाथ मुंह धोकर सोने जा रहे थे. मम्मी-पापा अपने रूम में सोने चले गये थे और मैं भी हाथ मुंह धोने अपने बाथरूम में जा रही थी. बाथरूम का दरवाजा हल्का सा खुला हुआ था. मैंने जैसे ही दरवाजे को धक्का दिया दरवाजा खुल गया. अंदर मैंने देखा कि मेरा

मां की चूत बेटे से चुदी

 इस माँ बेटा सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपने सौतेले बेटे की वासना भड़का कर उससे अपनी चूत चुदाई करवा ली. पति की मौत के बाद से ही मेरी चूत प्यासी थी. मेरा नाम आरती है और मैं 42 साल की हूं. मेरे पति की मृत्यु हो चुकी है मैं उनकी दूसरी पत्नी थी. उनकी पहली पत्नी से एक बेटा है जिसकी उम्र बीस साल के ऊपर होने वाली है. मैं उसे अपने बेटे की भांति मानती हूँ और उसी के साथ ही रहती हूं. मैं काफी बोल्ड किस्म की औरत हूं और गाली हमेशा मेरे मुंह पर रहती है. मेरे बेटे को मुझसे बहुत डर लगता है क्योंकि जब मैं गुस्सा हो जाती हूं तो गंदी गालियां देती हूं. देखने में मैं सांवले रंग की हूं और मेरे चूचे लटके हुए हैं. हाइट 5.3 फीट है और मेरी कमर 32 की है. मेरे चूतड़ बहुत बड़े हैं और मेरी गांड 44 के साइज की है. कई सालों से किसी ने भी मुझे चोदा नहीं था. इसलिए मैं बहुत चिड़चिड़ी हो गई थी. मैं काफी निराश रहने लगी थी. कई बार मेरी नजर मेरे बेटे पर जाती थी लेकिन मैं कुछ कर नहीं पाती थी. सोचती थी कि बेटे का लंड लेकर चूत की प्यास बुझवा लूं, मेरी नजर में इस माँ बेटा सेक्स में कोई बुरी नहीं थी. वैसे भी तो वो मेरा सग

जवान सौतेली मां की चूत चुदाई की लालसा

 सभी दोस्तों को मेरा नमस्कार. मुझे सेक्सी कहानियां पढ़ने का बहुत शौक है. इसलिए मैं हमेशा ही अन्तर्वासना पर प्रकाशित सेक्सी कहानी पढ़ता हूँ. ऐसे ही एक बाद मेरे भी दिल में भी ख्याल आया कि क्यों न मैं अपनी आपबीती सौतेली मां की चूत चुदाई की सच्ची सेक्स कहानी को आपके साथ शेयर करूं. ये कामुक कहानी मेरे और मेरी सौतेली मां के बीच की है. शायद आपको भी पसंद आएगी. चूंकि ये मेरी पहली कहानी है. अगर कुछ गलती दिखे, तो नजरअंदाज कर दीजिएगा. पहले मैं अपना परिचय दे देता हूँ. मेरा नाम हर्षद है. मेरी उम्र 25 साल है और कद 5 फुट 8 इंच का है. मैं दिखने में स्मार्ट नौजवान हूँ. कोई भी लड़की देखते ही मुझ पर फ़िदा हो जाती है. मैं इंजीनियर हूँ और अभी एक बड़ी कंपनी में मैनेजर हूँ. मेरा गांव पुणे से नजदीक है, यही कोई 30-35 किलोमीटर के फासले पर है. हमारे घर में मैं, पिताजी और मेरी सौतेली मां रहते हैं. बड़ी बहन शादी हो गयी है और वह अपने ससुराल में है. पिताजी की उम्र 48 साल है. उनका कद भी मेरे जितना ही है. वे एक कंपनी में अफसर हैं. वो अपने काम की वजह से हफ्ते में तीन चार दिन घर से बाहर ही रहते हैं. मेरी सौतेली मां का ना

मम्मी की दमदार चुदाई

मम्मी की भड़कते जिस्म को देख मेरा मन उत्तेजित हो हरेक रात उनकी दमदार चुदाई के सपने देखने लगा हालांकि उससे दोगुना मजा उनकी असल चुदाई करके मैंने महसूस किया। मम्मी की दमदार चुदाई की कल्पना हैलो दोस्तो, मेरा नाम राजू है और मैं स्लिम मिड हाईट 5’7″ का और वजन करीब 54-55 किलो है। मैं 26 साल का हूँ, इन दिनों मैं देहरादून में रहता हूँ। आज मैं आपको मेरे और मेरे मम्मी के सेक्स की कहानी सुनाता हूँ। यह बात आज से करीब 6-7 साल पहले की है जब मेरी उम्र 20 साल की थी और मेरी मम्मी 32 की थीं। मेरी जवानी शुरु हुई थी और उनकी जवानी के शोले भड़कते थे। मेरी मम्मी बहुत सेक्सी और सुन्दर है। शी हेज गोट ए ब्यूटीफुल बॉडी शेप 36-28-36! शी हेज गॉड मेड बूब्स एज वेल एज बटक्स! उनका सुडौल गोरा बदन बहुत हसीन है। वैसे वो मेरी रियल मम्मी नहीं हैं वह मेरे डैड की सेक्रेटरी थी, बाद में पापा ने माता जी के कोंन्सेंट से उससे अनओफियसली शादी कर ली। मैं पहले उनको संध्या आंटी कहता था, पर अब मम्मी ही कहता हूँ। मैं मम्मी को जब भी देखता तो मुझे उनका सेक्सी फिगर देखकर मन मे गुदगुदी होती थी। मैंने उनको एक दो बार डैड के ऑफि

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