सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

popads

Featured post

गोकुल धाम सोसाइटी में चुदक्कड़ परिवार- 2

 हॉट सेक्सी वाइफ की चुदाई तारक मेहता का उल्टा चश्मा की गोकुल धाम सोसाइटी में कैसे हुई. जवान बेटी के सामने भिड़े और माधवी ने खुलकर सेक्स किया. दोस्तो, मैं कबीर पटेल, आप मेरी सेक्स कहानी में भिड़े और माधवी की चुदाई का मजा ले रहे थे. हॉट सेक्सी वाइफ की चुदाई कहानी के पहले भाग लॉकडाउन में माधवी की अन्तर्वासना में अब तक आपने पढ़ा था कि माधवी अपने पति भिड़े के लंड को चूस रही थी, जिससे भिड़े का लंड तन्ना उठा था, मगर वो अभी भी माधवी के मुँह में अपना लंड चला रहा था. अब आगे हॉट सेक्सी वाइफ की चुदाई: थोड़ी देर और माधवी का मुँह चोदने के बाद जब भिड़े ने अपना सख्त लंड उसके मुँह से निकाला तो माधवी ने थोड़ी चैन की सांस ली और वो फिर से भिड़े के लंड पर बैठ गयी. उसने भिड़े के लंड को एक और बार अपनी चूत में समा लिया. माधवी की चुत को मानो जन्नत मिल गई थी. वो अपनी गांड आगे पीछे करती हुई लंड की सवारी का मजा लेने लगी. अभी उन दोनों की चुदाई दोबारा चालू किए हुए कुछ ही मिनट हुए थे कि तभी सोनू अपने कमरे से बाहर निकल आई. आखिरकार वही हुआ, जिसका भिड़े को डर था. सोनू ने अपने आई और बाबा को चुदाई करते हुए देख लिया था. वो सोनू को द

लॉण्डरी वाले से पहली चुदाई करवाई-2


जवान लड़की की पहली चुदाई की कहानी का पिछला भाग: लॉण्डरी वाले से पहली चुदाई करवाई-1

खैर ये सोचते सोचते दस बज गए मगर राजू नहीं आया. हमें लगा कि साला चुतिया बना गया.
सनम बोली- उस मादरचोद से तो कल बदला लेंगे. साला बहन का लोड़ा हमें चुतिया बनाकर गया बहनचोद.
सनम का ये रूप मैंने पहली बार देखा था. जिसे देखकर मेरी हंसी निकल गयी.
मगर फिर हम सोने चली गयी।

फिर रात को अचानक से गेट पर दस्तक हुई तो मैंने टाइम देखा तो रात के साढ़े बारह बज रहे थे.
मुझे लगा कि राजू आ गया. मैंने दरवाजे के पास जाकर पूछा- कौन है?
तो बाहर से आवाज आयी- मैं राजू हूँ!

मैंने दरवाजा खोला और तुरंत उसे अंदर खींच लिया और बाहर देखा कि किसी ने नहीं देखा था.

जैसे ही मैं गेट बंद करके पलटी राजू ने मुझे उसकी बांहों में पकड़ लिया और मुझे किस करने लगा और टीशर्ट के ऊपर से मेरे बूब्स दबाने लगा. फिर उसने मेरी टीशर्ट उतार दी. अब मैं ऊपर से नंगी थी क्यूंकि रात को ब्रा पैन्टी उतारकर सोती हूं.



फिर मैंने सनम को आवाज़ लगाई तो वो भी उठ गयी और हमें ऐसे देखकर कूदकर राजू के पास आयी और उसे थप्पड़ मार दिया जिससे मैं चौंक गयी.
वो बोली- बहन के लंड कहाँ था इतनी देर से?
तो वो बोला- मुझे छुपकर आना पड़ता है.

उसका जवाब सुनकर सनम ने एक झटके में उसकी टीशर्ट फाड़ दी. सनम का ये रूप देखकर मैं फिर से चौंक गयी कि इस साली की चूत में कितनी आग लगी हुई है।
यह दुनिया के लिए तो सीधी दिखने वाली लड़की थी.

तभी सनम ने राजू की पैंट भी उतार दिया और कच्छा भी उतार दिया. अब राजू एकदम नंगा हम दोनों के सामने खड़ा था. उसका लंड लगभग 7 इंच का रहा होगा. वो भी एकदम तना हुआ था.

उधर मैं भी ऊपर से नंगी थी, बस नीचे मैंने एक निक्कर पहना हुआ था.

सनम ने देखा कि राजू और मैं नंगे हैं तो सनम ने अपने भी कपड़े उतार दिए. अब सनम पूरी तरीके से नंगी हो गई. सनम ने मेरी निक्कर भी उतार दी और मुझे भी पूरी तरीके से नंगी कर दिया.
हम दोनों लड़कियां पहली बार किसी लड़के के सामने नंगी हुई थी. हम को अब शर्म भी आ रही थी लेकिन अब हमारी हवस भी बढ़ती जा रही थी.

अब सनम ने एकदम से राजू को अपने कब्जे में ले लिया और उसे ज़ोर ज़ोर से किस करने लगी. वो एक हाथ से उसका लंड भी सहला रही थी.

लेकिन अब राजू एकदम पागल सा हो गया. उसने सनम को साइड में करके मुझे एकदम से पकड़ लिया और मुझे किस करने लगा, मेरे बूब्स भी दबाने लगा.
मुझे भी मज़ा आ रहा था.

फिर मैंने सनम को अपने पास बुलाया और उसको किस करना शुरू कर दिया. अब राजू ने नीचे बैठकर मेरी चूत चाटनी शुरू कर दी. उधर मैंने सनम को किस करना शुरू कर दिया और उसके बूब्स दबाने लगी.

सनम भी पागल हुई जा रही थी, उसने नीचे बैठकर राजू का लंड अपने मुंह में ले लिया.

मैं यह देख कर हैरान रह गयी कि पहली बारी एकदम से इसका लंड मुंह में कैसे ले लिया?
मुझे बहुत घिन्न आ रही थी.
लेकिन सनम तो जैसे पागल सी हो गई थी, वह बहुत जोर जोर से लंड चूसने लगी.

राजू आउट ऑफ कंट्रोल हो रहा था, वह जोर-जोर से कह रहा था- रंडियो, चूसो मेरे लंड को. रंडी हो … तुम दोनों मेरी रंडी हो. तुम दोनों को मैं अपनी रखैल बनाकर रखूंगा.
यह बात मुझे थोड़ी सी गंदी लग रही थी लेकिन सनम तो जैसे पागल हो ही गई थी. उसे तो जैसे मजा बहुत आ रहा था. वो कह रही थी- और गालियां दे मादरचोद!

अब चूत चटाई के मजे लेने के बाद मैंने सोचा कि शर्म करके कोई फायदा नहीं होगा. तो मैंने भी मजा लेने का मन बना लिया था.

हमने एकदम से राजू को बिस्तर पर पटक दिया. राजू बिस्तर पर लेट चुका था. मैंने उसके ऊपर जाकर एकदम से उसे किस करना शुरू कर दिया.

उधर सनम ने मेरे ऊपर आकर मुझे पीछे से किस करना शुरू कर दिया. अब मैं उन दोनों के बीच में एक सैंडविच की तरह हो गई थी. नीचे से मैं राजू के मजे ले रही थी ऊपर से सनम मुझे मज़ा दे रही थी.

सनम ने एकदम से मेरी गांड में उंगली कर दी तो मैं एकदम से चीखी. उधर राजू मेरे बूब्स बहुत जोर जोर से दबा रहा था जिससे मुझे मजा आ रहा था. लेकिन दर्द भी हो रहा था.

फिर उसने एकदम से बाल पकड़कर सनम को अपने साइड में किया और उसे किस करना शुरू कर दिया. वो एक तरफ से मुझे किस कर रहा था दूसरी तरफ से सनम को किस कर रहा था.
आज तो राजू की मौज ही आ गई थी. उसे हम दोनों जैसी जवान और खूबसूरत लड़की जो मिल गई थी.

तभी राजू ने सनम को सीधा लिटाया और उसके मुंह में लंड डाल दिया और उसके मुंह में झटके देने लगा. वो जोर जोर से झटके देने लगा. तभी सनम को जोर से खांसी आने लगी. शायद लंड उसके गले तक पहुंच रहा था.

लेकिन जैसे राजू पर तो कोई असर पड़ ही नहीं रहा था, वह जोर-जोर से उसके मुंह में झटके देने लगा.
मैंने उसे रोका और बोली- क्या कर रहा है? तमीज से कर ना! हम भागी थोड़ी ना जा रही हैं?
तो वह बोला- माफ करना दीदी. लेकिन मैं पहली बार आप दोनों जैसी हसीन लड़की के साथ सेक्स कर रहा हूं तो कंट्रोल नहीं हो कर सका.

मैंने पूछा- अब तक कितनी लड़कियों के साथ सेक्स कर चुका है?
तो उसने कहा- मैंने अपनी दोनों भाभियों को बहुत चोदा है मगर किसी जवान लड़की को चोदने का मौका पहली बार मिल रहा है.

सनम ने उसे बोला- कोई बात नहीं, तू कर लेकिन आराम से कर! हम पहली बार ही कर रही हैं.
तभी उसने आराम से सनम के बाल पकड़ कर उठाया और उसके मुंह में लंड डाल दिया. धीरे-धीरे उसके मुंह में झटका देने लगा.

लेकिन थोड़ी देर में ही उसके झटके देने की स्पीड बढ़ चुकी थी. तभी 2 मिनट बाद ही उसने सनम के मुंह में अपने लंड का पानी डाल दिया जिससे सनम को उल्टी आ गई.
सनम एकदम से बाथरूम में गई और थोड़ी देर बाद बाहर आते ही उसने राजू को थप्पड़ मारा और बोली- बहन के लोड़े, तूने अपने लंड का पानी मेरे मुंह में क्यों छोड़ा?
तो राजू बोला- दीदी, मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ.
इस पर सनम का गुस्सा थोड़ा शांत हुआ.

फिर हम तीनों बिस्तर पर लेट गए. अब हमने देखा कि उसका लंड एकदम मुरझा गया था. हम दोनों के तो जैसे अरमानों पर पानी ही फिर गया. हमने तो सोचा कि हम सेक्स कैसे करेंगी? इसका तो लंड खड़ा होने में भी टाइम लगेगा.

तभी राजू बोला- ज्यादा देर नहीं लगेगी. तुम दोनों इसको जोर जोर से चूसो, यह जल्दी ही खड़ा हो जाएगा.

तो सनम ने राजू को बिठा कर उसका लंड मुंह में ले लिया और चूसना शुरू कर दिया. 2 मिनट बाद ही राजू का लंड फिर से तन कर खड़ा हो गया.

तभी उसने सनम को अपनी गोदी में उठाया और लंड उसकी चूत पर लगाकर धीरे धीरे अंदर करने लगा. लेकिन क्योंकि यह सनम का पहली बार सेक्स था तो चूत बंद होने से परेशानी हो रही थी. क्योंकि लंड बार-बार फिसल रहा था और चूत में जा नहीं पा रहा था.

तभी सनम ने मुझे कहा कि जरा कोल्ड क्रीम तो देना!
मैं जाकर कोल्ड क्रीम की शीशी ले आई जिसे सनम ने राजू के लंड पर लगा दिया. अब उसने राजू को बोला- धीरे-धीरे लंड को मेरी चूत में डाल!
राजू ने लंड डालने की कोशिश की.

लंड लगभग एक इंच ही अंदर गया होगा कि सनम की चीख निकल गयी. वो बोली- ऐसा लग रहा है जैसे किसी ने कोई गर्म चीज़ मेरी चूत में डाल दी हो.
लेकिन एकदम से मैंने जाकर सनम के मुंह पर अपनी चूत रख दी जिससे उसका मुंह बंद हो जाए.

राजू धीरे-धीरे अपना लंड उसकी चूत में डाल रहा था. अब भी सनम को दर्द हो रहा था लेकिन उसे चुप कराना भी मेरी जिम्मेदारी थी क्योंकि अगर वह चीखती तो सबको पता चल जाता कि यहाँ चुदाई चल रही है.

सनम की आंखों में आंसू आ चुके थे जिन्हें देखकर मेरी गांड फट रही थी कि अब अगला नंबर मेरा ही था.
लेकिन अब तीर कमान से निकल चुका था.

धीरे-धीरे करके राजू ने अपना पूरा लंड चूत में उतार दिया. सनम बहुत जोर से चीखती अगर मैं उसे रोकती ना तो!
मैंने उसे किस करना शुरू कर दिया और उधर राजू सनम की चूत में धीरे धीरे धक्के लगा रहा था.

सनम को 10 मिनट बाद थोड़ा दर्द कम हुआ. इतने राजू रुका रहा. उसने अपना लंड एक बार निकाला और फिर धीरे-धीरे करके दोबारा से डाला. हम दोनों ही वैसे तो इस खेल में नौसिखिया थी लेकिन सेक्स करने का बुखार चढ़ा हुआ था कि हमने कुछ भी नहीं देखा.

राजू के धक्के मारने की स्पीड अब बढ़ चुकी थी. वो जोर जोर से सनम की चुत चुदाई कर रहा था और बोल रहा था- आआह्ह ह्ह्ह मेरी रंडी, मेरी रानी … तेरी चुत तो आज फाड़ दूंगा बहन की लोड़ी … मुझे मारती है. माँ की चुत तेरी … सनम बहनचोद!
सनम भी बोल रही थी- मेरी जान … मेरे राजू … मुझे चोद. आज मेरी चुत का भुर्ता बना दे, रंडी बना ले मुझे अपनी! मैं तो तुझसे शादी कर लूंगी मेरी जान!

और वह तो पागल हो गई थी. अब थोड़ी देर बाद उसने राजू को अपनी बांहों में भर लिया. सनम बोली- मेरी जान, मैं झड़ने वाली हूँ. जोर जोर से चोद मेरे राजा, जोर जोर से चोद. फट गई मेरे राजा. छोड़ना मत मेरे राजा. जोर जोर से धक्के लगा.

तभी सनम जोर से झड़ने लगी और उसकी चूत से पानी निकल चुका था. तभी राजू सनम के ऊपर से उठ गया और उसने मुझे पकड़ लिया.

मैं समझ चुकी थी कि अब मेरी चूत चुदाई की बारी आ चुकी है. लेकिन मुझे सनम की तकलीफ देख कर डर लग रहा था. मुझे पता था कि मेरी भी ऐसी ही चीखें निकलने वाली हैं.
तभी राजू ने सनम को इशारा किया और सनम ने मुझे किस करना शुरू कर दिया.

राजू अपने काम में लगा हुआ था. उसने धीरे से मेरी चूत पर अपने लंड को सहलाना शुरू कर दिया. अब मुझे मस्ती आनी शुरू हो गई थी, मेरी चूत में खुजली भी होनी शुरू हो गई थी.
तभी मैंने राजू को बोला- राजा धीरे धीरे डालना शुरू कर!

लेकिन राजू मुझे जैसे तड़पाने की सोच कर आया था. वह अपना लंड नहीं डाल रहा था. वह धीरे-धीरे मेरे अपने लंड को मेरी चूत पर सहला रहा था. मैं पागल हुई जा रही थी लेकिन वह मान ही नहीं रहा था.

तभी मैंने उसको पकड़ा और बोला- राजू भोसड़ी के … अंदर डाल!
राजू ने धीरे से अपना लंड मेरी चूत में डाला.

उसका लंड मेरी चूत में थोड़ा सा ही गया होगा कि मैं जोर से चीखी. अच्छा हुआ कि सनम मुझे किस कर रही थी वरना मेरी चीख उसकी तरह बाहर निकल जाती.

खैर धीरे धीरे राजू ने पूरा लंड मेरी चूत के अंदर घुसा दिया. अब वह जोर जोर से झटके देने लगा. मेरी चीख निकल रही थी, मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी. मगर एक हवस थी जो मुझे सब करने के लिए मजबूर कर रही थी.

मैंने अपने ऊपर भरोसा रखा. लेकिन मैं ज्यादा देर तक टिक नहीं पा रही थी, मेरी चूत में बहुत जोर से ऐसा लग रहा था किसी ने सरिया घुसा दिया हो. मैं पागल हो गई थी लेकिन सनम मेरा पूरा साथ दे रही थी.

उसने मेरे बूब्स को चूसना शुरू कर दिया और एक हाथ से मेरी चूत को उसके राजू के लंड के ऊपर से सहलाने लगी.

अब मुझे धीरे-धीरे मजा आ रहा था सनम और राजू दोनों मिलकर मुझे अच्छी तरीके से चोद रहे थे. अब धीरे-धीरे मेरा दर्द भी जा रहा था लेकिन अभी भी जलन बहुत ज्यादा हो रही थी. लेकिन मैं फिर भी बर्दाश्त कर रही थी.

राजू की स्पीड भी बढ़ गई थी, अब वह मुझे जोर जोर से चोद रहा था. लगभग 5 मिनट चोदने के बाद राजू का पानी निकलने को हुआ.
वह बोला- दीदी, मैं झड़ने वाला हूं!
लेकिन मैंने उसको बोला- चूत के अंदर पानी मत निकाल देना.

राजू ने बड़ी मुश्किल से अपना लंड बाहर निकाला और मेरे ऊपर आकर मेरे पेट पर अपना सारा पानी निकाल दिया और फिर मेरी बगल में आकर लेट गया.

हम तीनों ही लेटे हुए थे. राजू बीच में था. सनम धीरे धीरे उसका लंड सहला रही थी.

तभी राजू थोड़ी देर बाद उठा और बोला- मुझे जाना होगा, मेरे घरवाले मेरा इंतजार कर रहे होंगे.
फिर वह अगले दिन आने का वादा करके चला गया.

हम दोनों सहेलियां बिस्तर पर नंगी ही पड़ी हुई थी, दोनों की चुत सूज गयी थी. फिर हम दोनों सो गयी.

अगले दिन हम दोनों से कोई चलने परेशानी हो रही थी तो हमने स्कूल ना जाने का सोचा और हम दोनों नाश्ता करके सो गयी।

उसके बाद अक्सर हम अपनी रात राजू के साथ रंगीन करने लगी. बीच बीच में हम उसे धमकी भी दे देती थी कि अगर उसने किसी से इस बारे में कहा तो हम उसे झूठे केस में फंसवा देंगी.
तो राजू भी किसी से न कहने का वादा करता रहा.

इस बीच मुझे याद आया कि राजू ने बताया था कि वो रोज रात को ख़ुफ़िया रास्ते से हॉस्टल में आता है.
मैंने उससे वो रास्ता पूछ लिया.

और अब सनम और मैं जब मन करता है, उस ख़ुफ़िया रास्ते से बाहर निकल जाती हैं और पूरी रात मस्ती करती हैं।

दोस्तो, कैसी लगी आपको हम दो सहेलियों की पहली बार की चुदाई की यह कहानी?

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मां को चोदा जंगल में

   मेरी इस सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरे बेटे ने अपनी माँ को चोदा जंगल में ले जा कर! दिन में उसने मेरी चूत को घर में चोदा और फिर शाम को जंगल में तालाब के किनारे! मां को चोदा कहानी के पिछले भाग मां की चूत बेटे से चुदी में मैंने बताया था कि कैसे मैंने अपने बेटे के लंड को अपनी चूत में लिया था. उसने अपनी मां को चोदा था. उसके बाद वो बाहर चला गया था. मैं जानती थी कि वो अपने दोस्तों के साथ कहां पर होता था. मुझे भी शॉपिंग करने के लिए बाहर जाना था इसलिए मैं भी घर का काम निपटा कर तैयार हो गई. जिस रास्ते पर प्रकाश होता था मेरा रास्ता भी वहीं से होकर गुजरता था. मैं अपने रास्ते पर निकल पड़ी. वो रास्ते में वहीं पर खड़ा हुआ था अपने दोस्तों के साथ. जब मैं वापस आ रही थी तो मैंने उसको उस वक्त भी वहीं पर खड़े हुए देखा. वो मुझे घूर रहा था. फिर मैं वहां से घर आ गयी. घर आकर मुझे खाना बनाना था. उसके बाद जब मैं खाना बना रही थी तो उसका मैसेज आया कि कुछ मीठा खाने के लिए लाता हूं तो मैंने बोल दिया कि ले आना. वो घर आया और मुझे गिलास में डाल कर कुछ दिया. मैंने पूछा- ये क्या है? वो बोला- ठंडाई है, पी

छोटी बहन को पापा से चुदवा दिया

  तो चलिए बिना समय बर्बाद किये हम अपनी कहानी शुरू करते हैं ……। पापा को हम भाई बहन की चुदाई का शक हो गया था. हमने पापा को भी इस वासना के खेल में शामिल करने का सोचा. हम भाई बहन ने मिलकर रिश्तों में चुदाई का यह खेल कैसे खेला? छोटी बहन को पापा से चुदवा दिया नमस्कार दोस्तो, आपने मेरी पिछली दो कहानियाँ छोटी बहन के साथ चोदा चोदी कहानी-1 छोटी बहन को चोदा खूब चोदा-2 में पढ़ा कि कैसे मैंने और मेरी छोटी बहन पूर्वी ने चुदाई की. 2 दिनों तक पूर्वी (छोटी बहन) और मैं चुदाई के चक्कर में पूर्वी की चूत की कली खिलने से जो खून निकला उस चादर को हम बदलना भूल गये और माँ पापा शादी से लौट आये। चादर देख माँ बोली- चादर पर ये क्या लगा है? तो पूर्वी तो सहम गयी. पर मैंने कह दिया- माँ, वो कल रात लाल रंग गिर गया ड्राइंग करते समय। तो माँ तो मान गयी. पर पापा हमें शक की निगाहों से देख रहे थे। खैर पापा और माँ थकान की वजह से वहां से चले गये। जाते ही पूर्वी बोल पड़ी- पापा को शक हो रहा है भैया! मैंने कहा- हाँ, मुझे भी पता है। पूर्वी- तो अब क्या करें भैया? फिर मैंने उसे समझाया कि पूर्वी अगर यूं ही

मौसी के चक्कर में माँ की गांड चुद गई

दोस्तो, मैं इस साईट का रेगूलर रीडर हूँ और देशी स्टोरीज को काफ़ी पसंद करता हूँ। इतनी कहानियाँ पढ़ने के बाद मेरा भी मन सेक्स करने का काफ़ी करता हैं लेकिन आज तक मौक़ा नहीं मिला। आज जो कहानी मैं सुनाने जा रहा हूँ, वो मेरे साथ बीती हुई सच्ची कहानी है। यह वाकिया आज से क़रीब एक महीने पहले की है। सबसे पहले मैं आपको मेरे परिवार से परिचित करा दूं ताकि आप मेरी सत्य कथा का आनन्द ले सके। मैं दिनेश उर्फ़ दीनू अपने माँ बाप का एकलौता बेटा हूँ। अभी मेरी उम्र 19 साल की है और मैं सभी बैंकों का एग्जाम दिया है। मेरा शरीर हट्टा कट्टा बलिष्ठ है पर मेरा रंग सांवला है। हम मुंबई के चोल मे सिंगल रूम में रहते हैं। जब मैं 5 साल का था पिताजी का स्वर्गवास हो गया था। मेरी माँ अब जो कि 38 साल की हैं और शरीर सांवला और मोटा है। जिसके कारण जब वो चलती है तो उसके चूतड़ काफ़ी हिलते हैं। उन्होंने फैक्ट्रीज में काम कर कर मेरी पढ़ाई लिखाई करा रही थीं और पिछले 2 साल से मैं एक प्राइवेट कम्पनी में पार्ट टाइम को-ओपेरटर का काम करता हूँ और कॉलेज भी जाता हूँ। हमारे घर में अब केवल 3 सदस्य रहते हैं मैं मेर

बहन के साथ चूत चुदाई का मजा-2

(Bahan Ke Sath Chut Chudai Ka Maza-2)  बहन के साथ चूत चुदाई का मजा-1 का अगला भाग: मैंने एक जीन्स का पैंट और टी-शर्ट खरीदा और दीदी ने एक गुलाबी रंग की पंजाबी ड्रेस, एक गर्मी के लिए स्कर्ट और टॉप और 2-3 टी-शर्ट खरीदीं। हम लोग मार्केट में और थोड़ी देर तक घूमते रहे। अब क़रीब 7:30 बज गए थे। दीदी ने मुझे सारे शॉपिंग बैग थमा दिए और बोलीं- आगे जा कर मेरा इंतज़ार करो, मैं अभी आती हूँ। वो एक दुकान में जा कर खड़ी हो गईं। मैंने दुकान को देखा, वो महिलाओं के अंडरगार्मेन्ट की दुकान थी। मैं मुस्कुरा कर आगे बढ़ गया। मैं देखा कि दीदी का चेहरा शर्म के मारे लाल हो चुका है, और वो मेरी तरफ़ मुस्कुरा कर देखते हुए दुकानदार से बातें करने लगीं। कुछ देर के बाद दीदी दुकान पर से चल कर मेरे पास आईं। दीदी के हाथ में एक बैग था। मैं दीदी को देख कर मुस्कुरा दिया और कुछ बोलने ही वाला था कि दीदी बोलीं- अभी कुछ मत बोल और चुपचाप चल! हम लोग चुपचाप चल रहे थे। मैं अभी घर नहीं जाना चाहता था और आज मैं दीदी के साथ अकेला था और मैं दीदी के साथ और कुछ समय बिताने के लिए बेचैन था। मैंने दीदी से

छोटी बहन को चोदा खूब चोदा 1

ये मेरी और मेरी छोटी बहन की चोदा चोदी कहानी है कि कैसे मैंने अपनी छोटी बहन को चोदा और साथ ही उसे भी उतना ही मज़ा आया जितना मुझे आया था. दोस्तो … मेरा नाम अजय है, मैं ग्वालियर का रहने वाला हूँ. मेरे घर में हम चार लोग रहते हैं. मैं 20 साल का, मेरी छोटी बहन 18 साल, माँ और पापा. आज जो मैं आप लोगों के साथ शेयर करने वाला हूँ, वो सिर्फ एक कहानी नहीं है. ये एक ऐसा सच है, जो मेरे साथ हुआ है … और दोस्तो, यकीन मानियेगा कि ये मेरी जिंदगी का सबसे हसीन समय रहा. ये मेरी और मेरी छोटी बहन पूर्वी की कहानी है कि कैसे मैंने अपनी छोटी बहन को चोदा और साथ ही उसे भी उतना ही मज़ा आया जितना मुझे आया था. आप यही सोच रहे होंगे कि मैं कैसा भाई हूँ कि अपनी ही बहन के साथ चोदा चोदी का खेल खेल लिया. पर ये कुछ गलत नहीं हुआ था. बल्कि दुनिया में बहुत सारे लोग अपनी माँ और बहन के साथ चोदा चोदी करते हैं. क्योंकि हमारे जीवन में शारीरिक सुख का होना बहुत जरूरी है. हर इंसान यही सुख भोगना चाहता है. फिर चाहे वो हमारे परिवार के लोग ही क्यों न हो. जरा सोचिए कि जब आप अपने घर में ही अपनी शारिरिक इच्छाएं पूरी कर सकते हैं

माँ की चूत की सफाई और चुदाई

 मैंने अपनी माँ की चूत नंगी देखी तो मेरा मन माँ की चुदाई को करने लगा. मुझे पता था कि माँ पिताजी की चुदाई से खुश नहीं हैं. तभी शायद माँ ने अपनी चूत मुझे दिखाई थी. दोस्तो नमस्कार, मेरा नाम पंकज है. मेरी उम्र 23 साल है और मैं जयपुर का रहने वाला हूं. आज मैं जो कहानी आप लोगों को बताने के लिए जा रहा हूं वो मेरी मां की कहानी है. मेरी मां का नाम सरिता है. उनकी उम्र 44 साल है. उनको देख कर कोई भी यह नहीं कर सकता है कि वो मेरी मां है. उनको देख कर उनकी उम्र का अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है. इसके दो कारण हैं. पहला कारण यह कि मेरी मां की शादी छोटी उम्र में ही हो गई थी और इस वजह से उनको बच्चा भी जल्दी हो गया. दूसरा कारण यह कि मेरी मां ने अपने बदन को काफी मेंटेन करके रखा हुआ है. वो देखने में अपनी उम्र से दस साल कम ही लगती हैं. उनका साइज 32-30-36 है. रंग एकदम दूध के जैसा बिल्कुल सफेद है और घर में साड़ी पहनती हैं लेकिन जब चलती हैं तो उनकी साड़ी में उनकी गांड में फंस जाती है. आप इस बात को समझ ही सकते होंगे की मेरी मां की गांड कितनी शेप में होगी. मेरी मां की जवानी की तारीफ मैं ही नहीं कर रहा बल्कि उनको देख

पहली बार भाई बहन की चुदाई होली में

 मैं 3 साल पहले की आप बीती बता रही हूं जो मेरे साथ हुई थी. यह भाई बहन की चुदाई की कहानी है. मेरा नाम सीमा साहू है और मैं अन्तर्वासना की फ्री सेक्स कहानियां नियमित रूप से पढ़ती हूं. मेरी उम्र 23 साल है और जहां तक मेरे साइज़ की बात है वो 32-30-36 है. मेरा रंग बहुत गोरा है. अब मैं आपको अपने परिवार के बारे में बता देती हूं. मेरे घर में मेरी मम्मी, पापा, भाई और मैं ही हूं. मैं बी.कॉम के फाइनल इयर में पढ़ाई कर रही हूं. हमारे घर में 2 कमरे हैं और एक बाथरूम है. साथ में ही रसोई बनी हुई है. एक कमरे में मेरे मां और पापा सोते हैं और दूसरे में मैं और भाई सोते हैं. मेरे भाई की उम्र 20 साल है. वो 12वीं कक्षा में है. बात मार्च महीने की है, होली आने वाली थी. हम लोग कॉलोनी में बहुत ही धूमधाम से होली मनाते हैं. होली के एक दिन पहले की बात है. सभी लोग होलिका जला कर घर पर आकर हाथ मुंह धोकर सोने जा रहे थे. मम्मी-पापा अपने रूम में सोने चले गये थे और मैं भी हाथ मुंह धोने अपने बाथरूम में जा रही थी. बाथरूम का दरवाजा हल्का सा खुला हुआ था. मैंने जैसे ही दरवाजे को धक्का दिया दरवाजा खुल गया. अंदर मैंने देखा कि मेरा

मां की चूत बेटे से चुदी

 इस माँ बेटा सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपने सौतेले बेटे की वासना भड़का कर उससे अपनी चूत चुदाई करवा ली. पति की मौत के बाद से ही मेरी चूत प्यासी थी. मेरा नाम आरती है और मैं 42 साल की हूं. मेरे पति की मृत्यु हो चुकी है मैं उनकी दूसरी पत्नी थी. उनकी पहली पत्नी से एक बेटा है जिसकी उम्र बीस साल के ऊपर होने वाली है. मैं उसे अपने बेटे की भांति मानती हूँ और उसी के साथ ही रहती हूं. मैं काफी बोल्ड किस्म की औरत हूं और गाली हमेशा मेरे मुंह पर रहती है. मेरे बेटे को मुझसे बहुत डर लगता है क्योंकि जब मैं गुस्सा हो जाती हूं तो गंदी गालियां देती हूं. देखने में मैं सांवले रंग की हूं और मेरे चूचे लटके हुए हैं. हाइट 5.3 फीट है और मेरी कमर 32 की है. मेरे चूतड़ बहुत बड़े हैं और मेरी गांड 44 के साइज की है. कई सालों से किसी ने भी मुझे चोदा नहीं था. इसलिए मैं बहुत चिड़चिड़ी हो गई थी. मैं काफी निराश रहने लगी थी. कई बार मेरी नजर मेरे बेटे पर जाती थी लेकिन मैं कुछ कर नहीं पाती थी. सोचती थी कि बेटे का लंड लेकर चूत की प्यास बुझवा लूं, मेरी नजर में इस माँ बेटा सेक्स में कोई बुरी नहीं थी. वैसे भी तो वो मेरा सग

जवान सौतेली मां की चूत चुदाई की लालसा

 सभी दोस्तों को मेरा नमस्कार. मुझे सेक्सी कहानियां पढ़ने का बहुत शौक है. इसलिए मैं हमेशा ही अन्तर्वासना पर प्रकाशित सेक्सी कहानी पढ़ता हूँ. ऐसे ही एक बाद मेरे भी दिल में भी ख्याल आया कि क्यों न मैं अपनी आपबीती सौतेली मां की चूत चुदाई की सच्ची सेक्स कहानी को आपके साथ शेयर करूं. ये कामुक कहानी मेरे और मेरी सौतेली मां के बीच की है. शायद आपको भी पसंद आएगी. चूंकि ये मेरी पहली कहानी है. अगर कुछ गलती दिखे, तो नजरअंदाज कर दीजिएगा. पहले मैं अपना परिचय दे देता हूँ. मेरा नाम हर्षद है. मेरी उम्र 25 साल है और कद 5 फुट 8 इंच का है. मैं दिखने में स्मार्ट नौजवान हूँ. कोई भी लड़की देखते ही मुझ पर फ़िदा हो जाती है. मैं इंजीनियर हूँ और अभी एक बड़ी कंपनी में मैनेजर हूँ. मेरा गांव पुणे से नजदीक है, यही कोई 30-35 किलोमीटर के फासले पर है. हमारे घर में मैं, पिताजी और मेरी सौतेली मां रहते हैं. बड़ी बहन शादी हो गयी है और वह अपने ससुराल में है. पिताजी की उम्र 48 साल है. उनका कद भी मेरे जितना ही है. वे एक कंपनी में अफसर हैं. वो अपने काम की वजह से हफ्ते में तीन चार दिन घर से बाहर ही रहते हैं. मेरी सौतेली मां का ना

भाई बहन की चुदाई के सफर की शुरुआत 1 to 20 ( View all stories in series 1 to 20 )

 Read all stories in series भाई बहन की चुदाई के सफर की शुरुआत-20 मौसी के आने की खबर सुन कर पापा बड़े खुश हुए, उनकी नजर हमेशा अपनी साली पर रहती थी, ये मैंने कई बार नोट किया था पर दीपा मौसी बड़े नकचढ़े स्वभाव की थी इसलिए पापा की ज्यादा हिम्मत नहीं होती थी मौसी के साथ छेड़छाड़ करने की। भाई बहन की चुदाई के सफर की शुरुआत-19 हमारे पूरे परिवार में सब एक दूसरे से खुल कर चुदाई कर रहे थे. मैं सो कर उठा तो चाची मेरा लंड चूस रही थी. सुबह सुबह ही आगे क्या हुआ, आप ये परिवार में चुदाई की कहानी पढ़ के आनन्द लें! भाई बहन की चुदाई के सफर की शुरुआत-18 इस नोन वेज सेक्स स्टोरी में आज पढ़ें कि कैसे हम भाई बहनों ने अपने मम्मी पापा को नंगा देखा और कैसे उन्होंने हमें चाचा चाची के साथ ग्रुप सेक्स करते देखा. उसके बाद क्या हुआ? खुद पढ़ कर मजा लें! भाई बहन की चुदाई के सफर की शुरुआत-17 मेरी इन्सेस्ट स्टोरी यानि रिश्तों में चुदाई के इस भाग में पढ़ें कि कैसे मेरी चचेरी बहन ने खुल पहाड़ी पर अपनी गांड मरवाई और मेरी बहन की चूत चाट कर उसका मूत पीया. भाई बहन की चुदाई के सफर की शुरुआत-16 मैंने अपनी चाची को चोदा और मेरे चाचू ने मेर

लेबल

ज़्यादा दिखाएं